बीएमए कालेज, बहेड़ी एवं राजकीय डिग्री महाविद्यालय कुशेश्वरस्थान पूर्वी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, प्राचार्य ने किया ध्वजारोहण एलएलएम

बीएमए कालेज, बहेड़ी एवं राजकीय डिग्री महाविद्यालय कुशेश्वरस्थान पूर्वी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, प्राचार्य ने किया ध्वजारोहण

जे टी न्यूज, बहेड़ी/कुशेश्वरस्थान:
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर शनिवार को राजकीय डिग्री महाविद्यालय कुशेश्वरस्थान पूर्वी एवं बीएमए कालेज, बहेड़ी के प्रांगण में झंडोत्तोलन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवशाली राष्ट्रीय पर्व को लेकर महाविद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया । प्राचार्य प्रोफेसर डॉक्टर कुशेश्वर यादव ने उक्त दोनों महाविद्यालयों में हमारे राष्ट्रीय गौरव और सम्मान के प्रतीक तिरंगे झंडे को अगल-अलग समय में फहराया। ध्वजारोहण के पूर्व समवेत स्वर में राष्ट्रीय गीत का गायन किया गया उसके बाद राष्ट्रध्वज फहराया गया। अंत उपस्थित शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और तिरंगे को सलामी दी।
महाविद्यालय परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।


ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर यादव ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज की उन्नति का सबसे बड़ा माध्यम है। इस ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा का प्रसार कर हम देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। आगे प्रोफेसर यादव ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल बाहरी बंधनों एवं गुलामी से मुक्ति पाना ही नहीं है बल्कि विचार में स्वाधीनता, आचरण में संवेदनशीलता और अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने की वास्तविक शक्ति से है। सच्ची स्वतंत्रता अधिकारों के साथ-साथ समाज एवं मानवता के प्रति हमारे कर्तव्यों का भी हमें बोध कराती है। इसी क्रम में उन्होंने ने शिक्षकों से अपने कर्तव्य के सम्यक निर्वहन करने की हिदायत दी और कहा कि मानसिक एवं बौधिक स्वतंत्रता के साथ-साथ भय एवं पूर्वाग्रह से मुक्त होना ही वास्तविक स्वतंत्रता है।

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