गांधी के विचारों को आत्मसात करना ही आज के समय में सच्ची प्रासंगिकता : डॉ. अभयेंद्र प्रसाद
गांधी के विचारों को आत्मसात करना ही आज के समय में सच्ची प्रासंगिकता : डॉ. अभयेंद्र प्रसाद

जे टी न्यूज, बारा चकिया: शिवदेनी राम अयोध्या प्रसाद महाविद्यालय, बारा चकिया में गांधी जयंती के अवसर पर ‘आज के संदर्भ में महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गणित विभागाध्यक्ष डॉ. अभयेंद्र प्रसाद ने की।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अभयेंद्र प्रसाद ने कहा कि वर्तमान समय में गांधी की प्रासंगिकता उनके व्यक्तित्व की पूजा करने में नहीं, बल्कि उनके व्यवहारिक दृष्टिकोण और विचारों को आत्मसात करने में है। आधुनिक युग में गांधी के विचारों का पुनर्विश्लेषण करने की आवश्यकता है, ताकि उनके विचारों को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में समझा जा सके।
कार्यक्रम पदाधिकारी सह संयोजक डॉ. रंजीत कुमार दिनकर ने कहा कि महात्मा गांधी महात्मा बुद्ध के दर्शन से प्रभावित थे और गीता का कर्मवाद उनके लिए मार्गदर्शक रहा। पुरुषोत्तम राम उनके आदर्श थे। उन्होंने कहा कि गांधी सादगी और सत्कर्म के प्रतीक थे तथा उनका जीवन नैतिक मूल्यों और सेवा की भावना पर आधारित रहा।
डॉ. एन. शर्मा और डॉ. श्रवण कुमार मोदी ने गांधी को युग का महानतम व्यक्तित्व बताते हुए उनके विचारों और जीवन-दर्शन पर प्रकाश डाला।
वहीं डॉ. धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि गांधी ने पूरी दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया और देश की आजादी को अपने जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाया। वर्तमान समय में गांधी के विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
विचार गोष्ठी में डॉ. दिगंबर झा, डॉ. रमन कुमार रवि, डॉ. राहुल रंजन, वासिम अंसारी, अजय कुमार सिंह, संजीव कुमार, पप्पू कुमार, खुशबू कुमारी, रिंकू कुमारी, कमलेश प्रसाद यादव, दीपिका कुमारी, खुशी कुमारी, मुस्कान कुमारी और रंजन कुमार सहित शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रमाकांत पांडे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संतोष आनंद ने किया।


