पूछता है अररिया: प्राचार्य पर छात्र से कथित मारपीट का आरोप आखिर निदेशक महोदय कब लेंगे एक्शन?
पूछता है अररिया: प्राचार्य पर छात्र से कथित मारपीट का आरोप आखिर निदेशक महोदय कब लेंगे एक्शन?

जे टी न्यूज, अररिया:
स्कूल में बच्चे सुरक्षित हैं या नहीं?
अनुशासन के नाम पर कथित मारपीट की शिकायत सामने आने के बाद कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
अररिया आरएस स्थित मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल में कक्षा-6 के एक छात्र के साथ विद्यालय के प्राचार्य द्वारा कथित मारपीट का मामला अब स्कूल प्रबंधन की चौखट से निकलकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग तक पहुंच चुका है। लेकिन शिकायत के दूसरे दिन भी प्राचार्य के विरुद्ध किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आने से स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
*घटना के दूसरे दिन भी ‘एक्शन’ का इंतजार*
छात्र के पिता ने 21 अगस्त 2026 को स्कूल के निदेशक डॉ. संजय प्रधान को लिखित शिकायत देकर प्राचार्य के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी, अररिया को भी दी गई है।
अभिभावक का आरोप है कि स्कूल से लौटने के बाद उनका बेटा रो रहा था। पूछने पर उसने बताया कि छुट्टी के बाद बस की ओर जाते समय आगे चल रहे प्राचार्य ने कथित रूप से उसकी गर्दन पर प्रहार किया और कॉलर खींचकर जल्दी जाने को कहा।
*आरोप गंभीर हैं। पुष्टि जांच से होगी।*
लेकिन सवाल यह है कि जब शिकायत सीधे स्कूल निदेशक तक पहुंच चुकी है, तो जांच शुरू करने में देरी क्यों?
क्या रसूख कार्रवाई पर भारी पड़ रहा है?
मामले को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल स्कूल निदेशक डॉ. संजय प्रधान की भूमिका को लेकर उठ रहा है।
क्या प्रबंधन पहले निष्पक्ष जांच करेगा या शिकायत को दबाने की कोशिश होगी?
*एक मामला ठंडा नहीं हुआ, दूसरा सवाल सामने*
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व फारबिसगंज छुआपट्टी स्थित शिशु भारती में चौथी कक्षा के एक छात्र की शिक्षक द्वारा कथित पिटाई का मामला सामने आया था। मामला तूल पकड़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने संबंधित शिक्षक को हटा दिया था।
अब दूसरे विद्यालय से छात्र के साथ कथित मारपीट की शिकायत सामने आने के बाद अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
अब सवाल सीधे प्रबंधन और प्रशासन से
क्या विद्यालय में बच्चों के साथ कथित शारीरिक दुर्व्यवहार की शिकायतों पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी?

क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी?
क्या स्कूल प्रबंधन आरोपों की सत्यता सामने आने तक संबंधित प्राचार्य को जांच से अलग रखेगा?
और सबसे बड़ा सवाल—
डायरेक्टर महोदय, आखिर प्राचार्य पर कार्रवाई कब होगी?
अब मामला आवेदन से आगे बढ़कर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग तक पहुंच चुका है। ऐसे में अररिया की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार अधिकारी इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जांच की अगली कार्रवाई क्या होती है।
क्योंकि सवाल सिर्फ एक बच्चे का नहीं—स्कूल की चारदीवारी के भीतर बच्चों की सुरक्षा और सम्मान का है।
*नोट :* प्राचार्य पर लगाए गए सभी आरोप अभिभावक की लिखित शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित प्राचार्य एवं स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


