बिहार में भाजपा पर जनादेश की डकैती का आरोप
दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द कराने के लिए सभापति से मिलेगा राजद
बिहार में भाजपा पर जनादेश की डकैती का आरोप
दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द कराने के लिए सभापति से मिलेगा राजद
वंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने से दल-बदल कानून का उल्लंघन -प्रो. मनोज झा
सभापति से लेकर न्यायालय और जनता की अदालत तक लड़ेगी पार्टी
जे टी न्यूज,
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने नवनिर्वाचित विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी और डॉ. राहुल राज के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के मामले को लेकर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई तेज करने का ऐलान किया है। राजद के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज कुमार झा ने रविवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को विधान परिषद के कार्यकारी सभापति से लेकर न्यायालय और जनता की अदालत तक ले जाएगी।
संवाददाता सम्मेलन में प्रो. मनोज झा ने दोनों विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से संबंधित वीडियो और तस्वीरें दिखाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन किया है। उन्होंने विधान परिषद के कार्यकारी सभापति डॉ. रामवचन राय से आग्रह किया कि संविधान और कानून के प्रावधानों के अनुरूप दोनों सदस्यों की सदस्यता पर तत्काल निर्णय लिया जाए।
प्रो. झा ने कहा कि कार्यकारी सभापति इस मामले में संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने वाले प्राधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष निर्णय नहीं लिया गया तो राजद इसे अन्य संवैधानिक मंचों और न्यायालय में उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच भी ले जाएगी।
दसवीं अनुसूची के प्रावधानों का दिया हवाला
प्रो. मनोज झा ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है, तो वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो सकता है। उनके अनुसार, वंशीधर ब्रजवासी और डॉ. राहुल राज के मामले में इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत कार्रवाई की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राजद कार्यकारी सभापति के समक्ष औपचारिक रूप से अपनी बात रखेगी और दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग करेगी। इसके साथ ही पार्टी चुनाव आयोग के समक्ष भी मामला उठाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
भाजपा पर जनादेश की डकैती का आरोप
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए प्रो. झा ने कहा कि बिहार में अब केवल वोट चोरी की चर्चा नहीं है, बल्कि जनादेश की डकैती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद राजनीतिक दल में शामिल होना मतदाताओं के जनादेश के साथ अन्याय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में सभी की राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी की परीक्षा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा बिहार में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के साथ-साथ जदयू को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, जिन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, वहां जदयू के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
तेजस्वी यादव ने भी उठाया सदस्यता का मुद्दा
इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वंशीधर ब्रजवासी एवं डॉ. राहुल राज को स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के आधार पर संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) के तहत अयोग्य घोषित करने की मांग की है। उन्होंने दोनों के विरुद्ध दल-बदल विरोधी कानून के तहत बिना अनावश्यक विलंब के कार्रवाई करने की बात कही है।

प्रो. मनोज झा ने स्पष्ट किया कि राजद इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकारी सभापति की ओर से उचित निर्णय नहीं लिया जाता है तो पार्टी न्यायालय और जनता के बीच अपनी बात रखेगी। उनके शब्दों में, जनता सबसे बड़ी अदालत है और पार्टी इस मुद्दे को हर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मंच पर उठाती रहेगी।



