मोतनाजे-मधुबन में महिलाओं और बच्चों पर लाठीचार्ज के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा का आक्रोश, नवादा कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी
मेघा कंपनी के पक्ष में नियमों की अनदेखी कर ग्रामीणों पर बर्बर कार्रवाई का आरोप, दोषी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मांग
मोतनाजे-मधुबन में महिलाओं और बच्चों पर लाठीचार्ज के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा का आक्रोश, नवादा कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी
मेघा कंपनी के पक्ष में नियमों की अनदेखी कर ग्रामीणों पर बर्बर कार्रवाई का आरोप, दोषी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मांग
जे टी न्यूज,
नवादा: नवादा जिले के मोतनाजे-मधुबन गांव में निहत्थे महिलाओं एवं बच्चों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार ने जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। मोर्चा ने धनतेरस के दिन ग्रामीणों पर कथित लाठीचार्ज और जानलेवा हमले की निंदा करते हुए बिहार सरकार से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो बिहार के किसान नवादा कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए कूच करेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि मेघा कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-कानूनों की अनदेखी करते हुए पुलिस प्रशासन ने निहत्थे महिलाओं और बच्चों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका कहना है कि पर्व-त्योहार के दिन गांव को उजाड़ने पहुंची पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने आए आम लोगों पर जिस तरह बल प्रयोग किया गया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है।
मोर्चा के नेताओं दिनेश कुमार, अशोक प्रसाद सिंह, रामायण सिंह, डॉ. आनंद किशोर, वशिष्ठ सिंह, शिव शंकर सिंह चित्तू, बृजेश राय, आशीष रंजन, रामचंद्र आजाद, टूड्डू जी, कल्लू सिंह, प्रमोद सिंह, अशोक कुमार एवं नरेश यादव ने संयुक्त बयान जारी कर बिहार सरकार से नवादा के जिलाधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर मुकदमा चलाने की मांग की है।
नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो न्याय के लिए नवादा के लोग चुपचाप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर को नवादा के सनशाइन होटल में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें बिहार के 32 जिलों से 40 किसान संगठनों के नेताओं ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जिला प्रशासन भय और आतंक का माहौल बनाकर मोतनाजे-मधुबन के किसानों की जमीन और गांव को जबरन उजाड़ने का प्रयास करेगा, तो बिहार के किसान इसका व्यापक विरोध करेंगे।
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि नवादा स्वामी सहजानंद सरस्वती की कर्मभूमि और ऐतिहासिक रेबरा किसान आंदोलन की विरासत से जुड़ा क्षेत्र है। यहां के लोग अपने स्वाभिमान और अधिकारों के प्रति सजग हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दबाव और कथित दमनात्मक कार्रवाई के जरिए किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
संयुक्त किसान मोर्चा ने बिहार सरकार से पीड़ित परिवारों को तत्काल न्याय, घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर किसान संगठन राज्यव्यापी आंदोलन तेज करेंगे।



