नवादा में किसानों का प्रदर्शन, धान की बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग सांसद सुधाकर सिंह और पूर्व विधायक मो. कामरान समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी का आरोप

मोतनाजे-मधुबन में फसल बर्बादी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन

नवादा में किसानों का प्रदर्शन, धान की बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग

सांसद सुधाकर सिंह और पूर्व विधायक मो. कामरान समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी का आरोप

मोतनाजे-मधुबन में फसल बर्बादी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन

जे टी न्यूज,
नवादा: मोतनाजे-मधुबन में धान की फसल बर्बाद होने के मामले में पर्याप्त मुआवजा देने और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार के आह्वान पर किसानों ने नवादा में प्रदर्शन किया। मोर्चा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बड़ी संख्या में किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ जिला प्रशासन से जवाब मांगने नवादा पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच कई स्थानों पर तनाव की स्थिति उत्पन्न होने तथा किसान नेताओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

ट्रैक्टरों के काफिले को रोकने का आरोप

संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार, किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर नवादा आईटीआई मैदान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मुफस्सिल थाना के पास अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) ने पुलिस बल के साथ कई ट्रैक्टरों पर सवार किसानों को रोक दिया। मोर्चा ने आरोप लगाया कि किसानों को धरनास्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया।

इसके बाद सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधायक मो. कामरान तथा किसान नेता दिनेश कुमार और अशोक प्रसाद सिंह सहित अन्य नेता मौके पर पहुंचे। वहां से नेताओं और किसानों ने नारेबाजी करते हुए पैदल प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधायक मो. कामरान, दिनेश कुमार, अशोक प्रसाद सिंह, कपिल देव प्रसाद और पवन कुमार सहित अन्य नेताओं ने किया।

आईटीआई मैदान से पहले दोबारा रोके गए प्रदर्शनकारी

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतिरोध मार्च के दौरान पुलिस बल आगे-आगे चल रहा था। आईटीआई मैदान से पहले प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके विरोध में सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधायक मो. कामरान और किसान नेताओं सहित अन्य प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने धान की बर्बाद फसल का मुआवजा देने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रशासनिक मनमानी बंद करने की मांग को लेकर नारे लगाए। बाद में प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति दिए जाने की बात भी प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।

धरनास्थल पर पहुंचने से पहले मारपीट का आरोप

संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि नवादा टाउन थाना क्षेत्र स्थित निर्धारित धरनास्थल पर पहुंचने से पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने आंदोलनकारियों के साथ मारपीट की। मोर्चा के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया गया। उनके कुर्ते को भी फाड़ दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

मोर्चा ने इन घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आंदोलनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग की।

सांसद सुधाकर सिंह समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी का दावा

प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधायक मो. कामरान तथा किसान नेता दिनेश कुमार और अशोक प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर नवादा जिले के अकबरपुर थाना में रखा गया है। मोर्चा ने सांसद की गिरफ्तारी की वैधानिकता पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी के कारणों, कानूनी स्थिति और संबंधित व्यक्तियों की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। मोर्चा ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और कथित रूप से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

मुआवजा और जवाबदेही की मांग पर अड़ा किसान मोर्चाKo

संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि मोतनाजे-मधुबन में बर्बाद हुई धान की फसल के लिए किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए तथा फसल बर्बादी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। मोर्चा ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की।

मोर्चा का कहना है कि किसानों की आजीविका और उनकी मेहनत से जुड़ा यह मामला गंभीर है। इसलिए जिला प्रशासन को किसानों की शिकायतों पर जवाब देना चाहिए और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।

Related Articles

Back to top button