निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार दे रहे दलीय प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर, वर्षों से छात्रों के हित में आवाज करते रहे हैं बुलन्द.

निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार दे रहे दलीय प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर, वर्षों से छात्रों के हित में आवाज करते रहे हैं बुलन्द…

मधुबनी(बिहार); 21-10-2026…

बिहार विधान पार्षद चुनाव 2026 में दरभंगा स्नातक क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार सभी दलीय प्रत्याशियों की नींद उड़ा रहे हैं। वर्षों से लगातार छात्र हित में पूरे बिहार प्रदेश में लड़ाई लड़ने वाले, संघर्ष करने वाले, जायज मांगों के लिए जेल जाने वाले दिलीप कुमार आज दरभंगा स्नातक विधान परिषद् क्षेत्र के मतदाताओं से अपने लिए समर्थन माँग रहे हैं और युवाओं में उनके लिए समर्थक देखकर विभिन्न दलीय प्रत्याशियों की नींद हराम है।

दिलीप कुमार यूँ तो पूरे बिहार के छात्रों से जुड़े मुद्दों के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे हैं और वे पूरे बिहार में किसी पहचान के मुहताज नहीं हैं, लेकिन अब वे उन युवाओं के बीच जाकर अपने लिए समर्थन माँग रहे हैं कि उन्होंने यदि स्टूडेंट्स हित में, बिहार के भविष्य के लिए पिछले वर्षों में ईमानदार प्रयास किया है तो लोग उन्हें समर्थन दें। दिलीप कुमार बिहार की राजधानी पटना सहित अन्य जिलों में पिछले 10-12 वर्षों से परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर भर्ती, स्वच्छ तरीके से भर्तियों की प्रक्रिया पूरी करवाने के मुद्दों पर हमेशा सड़क से लेकर जनप्रतिनिधियों तक माँग पत्र रखकर आवाज उठाते रहे हैं। वे युवाओं के भविष्य के लिए सड़कों पर लाठियां खाए, जेल गए और अब वे उन युवाओं से अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं।

दरभंगा स्नातक विधान पार्षद क्षेत्र अंतर्गत चार जिलों- मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और बेगूसराय के स्नातक मतदाता 23 अक्टूबर को मतदान कर अगले 06 वर्षों के लिए अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार स्वयं भी दरभंगा स्नातक विधान परिषद् क्षेत्र अंतर्गत दरभंगा जिला के ही मूल निवासी हैं। इस बार दरभंगा स्नातक से कुल 40 प्रत्याशी मैदान में हैं जिसमें दिलीप कुमार का क्रम संख्या 21 है।

छात्रनेता दिलीप कुमार दरभंगा जिला के दरभंगा ग्रामीण अंतर्गत धोई के महम्मदपुर घोरघट्टा के रहने वाले हैं और वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भी चुनाव लड़ चुके हैं। इसपर उन्हें मिल रहे जनसमर्थन से विभिन्न प्रत्याशियों की नींदे खराब है और अब देखना है कि दिलीप कुमार को कितना समर्थन मिल पाता है और वे कैसा प्रदर्शन करते हैं। समाजवाद, सामाजिक न्याय और समानता की बात करने वाले दल ने ‘सामंती’ को प्रत्याशी बना दिया है जिससे उक्त दल के कोर समर्थक वर्ग में भारी नाराजगी है और उनका समर्थन तथा लाभ भी निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार को मिल सकता है। वैसे यह केवल अनुमान है और आगे देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है।

वैसे आपको क्या लगता है, आपके अनुमान से निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार अपनी छाप छोड़ पाएंगे या नहीं? अपना विचार सभ्य परवरिश का परिचय देते हुए व्यक्त कर सकते हैं।

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