नहीं रहे नवादा के पूर्व सांसद प्रेमचंद राम, दिल्ली के अस्पताल में निधन
1991 से 1996 तक रहे नवादा के सांसद, समाहरणालय में लिपिक की नौकरी छोड़कर लड़ा था लोकसभा चुनाव
नहीं रहे नवादा के पूर्व सांसद प्रेमचंद राम, दिल्ली के अस्पताल में निधन
1991 से 1996 तक रहे नवादा के सांसद, समाहरणालय में लिपिक की नौकरी छोड़कर लड़ा था लोकसभा चुनाव

जे टी न्यूज,
नवादा/पटना, 18 अक्टूबर: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के वरिष्ठ नेता और नवादा के पूर्व सांसद प्रेमचंद राम का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
प्रेमचंद राम मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के सिरदला प्रखंड अंतर्गत भरसनडा गांव के निवासी थे। वे वर्ष 1991 से 1996 तक नवादा लोकसभा क्षेत्र के सांसद रहे। उन्होंने माकपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
सरकारी नौकरी छोड़कर बने थे सांसद
प्रेमचंद राम के राजनीतिक जीवन की खास बात यह रही कि सांसद बनने से पहले वे नवादा समाहरणालय में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनका यह सफर क्षेत्रीय राजनीति में उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
माकपा नेताओं ने जताया शोक
प्रेमचंद राम के निधन पर माकपा के बिहार राज्य सचिव ललन चौधरी, केंद्रीय कमिटी सदस्य अवधेश कुमार, विधायक अजय कुमार तथा राज्य सचिव मंडल सदस्य मनोज कुमार चंद्रवंशी ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
नेताओं ने दिवंगत पूर्व सांसद को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति शोक और एकजुटता प्रकट की। उन्होंने प्रेमचंद राम के निधन को पार्टी और राजनीतिक जगत के लिए दुखद क्षति बताया।
प्रेमचंद राम के निधन से उनके पैतृक क्षेत्र भरसनडा सहित नवादा के राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में शोक का माहौल है।

