*मुख्यमंत्री का जीरो टेंलेंस भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का रथ समस्तीपुर समाहरणालय पर अटका। राजकुमार राय समस्तीपुर बिहार। सब पे नजर सबकी खबर।*

🔊 Listen This News राजकुमार राय समस्तीपुर बिहार समस्तीपुर:- जिला जनसंपर्क कार्यालय के भ्रष्टाचारी रवैये काली करतूतों के कारण समस्तीपुर के पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।मिली जानकारी के मुताबिक विगत 3 वर्षों से बनकर तैयार समस्तीपुर प्रेस क्लब भवन के उद्घाटन के अवसर पर अधिकांश पत्रकारों को सूचना आमंत्रण नहीं दिए जाने के कारण […]

 340 total views,  3 views today

राजकुमार राय
समस्तीपुर बिहार

समस्तीपुर:- जिला जनसंपर्क कार्यालय के भ्रष्टाचारी रवैये काली करतूतों के कारण समस्तीपुर के पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।मिली जानकारी के मुताबिक विगत 3 वर्षों से बनकर तैयार समस्तीपुर प्रेस क्लब भवन के उद्घाटन के अवसर पर अधिकांश पत्रकारों को सूचना आमंत्रण नहीं दिए जाने के कारण जिले के विभिन्न बैनर के पत्रकारों को जिला जनसंपर्क कार्यालय के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।

समस्तीपुर के पत्रकारों एवं स्थानीय समाचार पत्र के संपादको ने जिला जनसंपर्क कार्यालय समस्तीपुर के क्रियाकलापों की जांच कराने की मांग सरकार से किया है।
वहीँ जिला जनसंपर्क कार्यालय समस्तीपुर में विगत कई वर्षों से आम लोगों के बैठ कर समाचार पत्र पढ़ने वाले कक्ष में दूसरे विभाग को भाड़े पर दिए जाने को लेकर भी नाराजगी देखा जा रहा है।

 

वहीँ 15 अगस्त के शुभ अवसर पर समस्तीपुर प्रेस क्लब भवन के उद्घाटन चुपके- चुपके किए जाने की भी निंदा किया है। उल्लेखनीय है कि समस्तीपुर प्रेस क्लब भवन का हस्तांतरण नहीं किए जाने को लेकर भी समस्तीपुर के पत्रकारों में काफी आक्रोश देखा जा रहा था, क्योंकि पत्रकारों के नाम पर फर्जी पत्रकारों द्वारा हड़पने की कार्रवाई जिला प्रशासन दबाब लगातार दिए जाने के कारण जनसंपर्क कार्यालय विवाद के घेरे में रहा है क्योंकि 17. 5. 18 का पत्र बिहार सरकार सूचना जनसंपर्क विभाग के पत्रांक 690 को 2 अगस्त 19 तक दबाकर के रखे जाने का भी मामला तूल पकड़ता जा रहा है । जानकारी के मुताबिक सरकार के आदेश के बाद भी मासिक पत्रकार सम्मेलन कई वर्षों से नहीं किया जाना भी जिला प्रशासन के प्रति पत्रकारों का आक्रोश उभरना स्वाभाविक है । सूचना जनसंपर्क विभाग का काम यह है कि सरकार द्वारा किए गए कार्यों को जनता तक लाना और जनता की शिकायत तकलीफ को सरकार तक पहुंचाने की एक कड़ी है , परंतु जहां वह स्वंय भ्रष्टाचार की दलदल में फंसा हो तो सरकार को छवि खराब करने में थोड़ा सा भी कसर नहीं छोड़ पाते । समस्तीपुर जिला भ्रष्टाचार , हत्या , लूट , अपरहण , डकैती, रिश्वतखोरी , वेश्यावृत्ति , शराब माफियाओं का आतंक , जनवितरण प्रणाली का सामान खुलेआम बेचे जाने , आंगनवाड़ी सेविकाओं से सीडीपीओ द्वारा 3 से ₹ 5000 प्रति माह जारी किए जाने से लेकर बाल विकास परियोजना की योजना भी दम तोड़ता नजर आ रहा है । समस्तीपुर सदर अस्पताल श्मशान घाट में तब्दील होता दिखा जा रहा है । संपूर्ण जिला लूट खसोट अभियान में लगा हुआ है जिला प्रशासन माफिया के सामने धुटना टेक चुका है. कोई विभाग नहीं जहां त्राहिमाम मचा हुआ ना हो. समस्तीपुर जिला कई वषो यसे बर्बादी की कगार पर खड़ा है और जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा हुआ है।

 341 total views,  4 views today