*फॉल आर्मीवर्म से मुकाबला करने के लिये सामुहिक खेती जरूरी:- भीसी। रमेश शंकर झा/दीपक कुमार, समस्तीपुर बिहार। सब पे नजर, सबकी खबर।*

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रमेश शंकर झा/दीपक कुमार,
समस्तीपुर बिहार।

समस्तीपुर:- जिले के डॉ० राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में फॉल आर्मीवर्म के प्रकोप को देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे वैज्ञानिक और किसान एक प्लेटफार्म पर आकर बात कर सकें। उक्त बातें डॉ० राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने अपने संबोधन के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि इस कीट से बचाव के लिए सामुहिक खेती बेहद महत्वपूर्ण है। मक्के की फसल में कीटनाशक के छिड़काव से पहले फेरोमन ट्रैप एवं लाईट ट्रैप का उपयोग करना चाहिये।

बताते चलें कि विवि परिसर स्थित विद्यापति के सभागार में फॉल आर्मीवर्म के एकीकृत कीट प्रबंधन के लिये कृषि विस्तार प्रणाली के साथ सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। करीब तीन सौ किसान, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, वैज्ञानिको व मीडिया कर्मियों की मौजूदगी और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० आर सी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दक्षिण एशिया प्रोद्योगिकी केन्द्र दिल्ली के सलाहकार डॉ० साई दास एवं वैज्ञानिक डॉ० भागीरथ चौधरी ने हिस्सा लिया।

वहीँ स्वागत सम्मान की औपचारिकता के बाद विवि के कुलपति सहित आगत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भीसी डॉ० श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ० एमएस कुडू एव सह निदेशक अनुसंधान डॉ० एन के सिंह की इस कार्यक्रम के आयोजन में तत्परता दिखाने के लिए प्रशंसा किया।

वहीँ भीसी डॉ० श्रीवास्तव द्वारा किसानों के बीच फेरोमैन ट्रैप का वितरण भी किया गया। अपने संबोधन में डॉ० भगीरथ चौधरी ने किसानों को फॉल आर्मीवर्म से बचाव के लिये ऐसे दवा व तकनीक के अनुसंधान की जरूरत बताई जिससे मक्के की फसल के किसी हिस्से पर प्रतिकूल प्रभाव नही पड़े। क्योंकि मक्के का हर हिस्सा पशुओं के चारे मे उपयोगी है। डॉ० चौधरी ने किसानों को फसल आर्मीवर्म कीट का मॉडल तथा पोस्टर दिखा कर कीट के जीवन चक्र को समझाने की कोशिश किया। साथ ही किसानों को अपना नंबर दिया और कहा कि यदि किसान को मक्के मे फॉल आर्मीवर्म कीड़े से संबंधित किसी जानकारी या सलाह के लिए मोबाइल नं० 9999851051 पर कॉल कर सकते है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ० दास सहित विश्वविद्यालय के मक्का वैज्ञानिक डॉ० मृत्यूंजय सिंह एवं अन्य विशेषज्ञों ने किसानों को कीट प्रबंधन के महत्वपूर्ण गुर सिखाये। इस कार्यक्रम के मौके पर संकायाध्यक्ष कृषि डॉ० के एम सिंह, सूचना पदाधिकारी डॉ० राज्यवर्धन, पंडित दीन दयाल उपाध्याय बागवानी कालेज के डीन डॉ० कृष्ण कुमार, कृषि अभियंत्रण संकायाध्यक्ष डॉ० अम्बरीष कुमार, सहित कई अन्य निदेशक अधिष्ठाता, वैज्ञानिक सहित इत्यादि लोग उपस्थित थे।

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