साम्राज्यवादी आक्रमण और उसके परिणाम साम्राज्यवाद के विरुद्ध एकता

साम्राज्यवादी आक्रमण और उसके परिणाम साम्राज्यवाद के विरुद्ध एकता


जे टी न्यूज़, नई दिल्ली : विषय पर का. हरकिशन सिंह सुरजीत भवन नई दिल्ली में एक सेमिनार किया गया।सेमिनार में क्यूबा ,चीन,फिलिस्तीन,लेबनान दूतावास के प्रतिनिधि शामिल हुए।इस सेमिनार में सीपीआईएम पोलिट ब्यूरो सदस्य तपन सेन,नीलोत्पल बसु, एम एल लिबरेशन सांसद राजाराम सिंह,सीपीएम राष्ट्रीय सचिव मण्डल सदस्य विक्रम सिंह,दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव कंवर, प्रो . सोनिया सहित प्रख्यात राष्ट्रीय बुद्धिजीवी ,ट्रेड यूनियन,महिला,छात्र,नौजवान संगठनों के नेतृत्वकारी उपस्थित थे।
सेमिनार की शुरुआत माकपा पोलिट ब्यूरो सदस्य आर अरुण ने विषय प्रवेश किया।सर्व प्रथम डॉ एन राम ने साम्राज्यवाद और उसके मानव विरोधी नीतियों को युद्ध के परिप्रेक्ष्य में घातक बतलाया।
दूसरी वक्ता के रूप में द वायर के निदेशक सीमा चिश्ती ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल हमले का ईरान जवाब दे रहा है।इस युद्ध में उसने दर्जनों अपने शीर्ष नेताओं और पदाधिकारियों को खो दिया है।लेकिन साम्राज्यवाद से समझौता करने को तैयार नहीं है। इजरायली नेतन्याहू फिलिस्तीन और लेबनान पर भी हमले कर रहा है।इस युद्ध में बड़े पैमाने पर निरीह आम जनता ,बच्चे , महिलाएं मारे जा रहे हैं।
प्रो सोनिया ने कहा कि अमेरिका समाजवादी क्यूबा पर हमले की धमकी दे रहा है।दुनिया की स्थिति तीसरी विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहा है।जिसका विरोध दुनिया के अधिकांश देश कर रहे हैं।ब्रिक्स के सभी देश इस युद्ध का विरोध कर रहे हैं।लेकिन भारत के प्रधानमंत्री अभी तक युद्ध रोकने के क्रम में कोई पहल नहीं कर रहे हैं।अभी तक ईरान के राष्ट्रपति खामेनेई की हत्या या सैकड़ों की संख्या में मारे गए निर्दोष बच्चों के लिए भी दुख प्रकट नहीं किए।


क्यूबा के डिप्लोमेट ने भी अपनी बातों को रखा।
सेमिनार में सीपीआईएम पोलिट ब्यूरो सदस्य नीलोत्पल बसु, सांसद राजाराम सिंह,धर्मेंद्र वर्मा ,सागर विक्रम सिंह ने साम्राज्यवाद विरोधी अपनी देश की जन एकजुटता को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।

 

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