डिजिटलाइजेशन के दौर में साइबर सुरक्षा की आवश्यकता सबसे महत्वपूर्ण : प्रो. गुलरेज
साइबर स्वच्छता को लेकर राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में दो-दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम
डिजिटलाइजेशन के दौर में साइबर सुरक्षा की आवश्यकता सबसे महत्वपूर्ण : प्रो. गुलरेज
साइबर स्वच्छता को लेकर राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में दो-दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

जे टी न्यूज़, सहरसा : राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय सहरसा में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम और द्वितीय इकाई द्वारा साइबर स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान की अध्यक्षता में दो दिवसीय साइबर स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार को पहले दिन शिक्षकों एवं शिक्षकेतर- कर्मियों के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षक, अतिथि शिक्षक एवं शिक्षकेतर- कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य महोदय प्रो. गुलरेज रौशन रहमान ने कहा कि आज के डिजिटलाइजेशन के दौर में साइबर सुरक्षा की आवश्यकता सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार आज के दौर में डिजटलीकरण को प्रोत्साहित कर रही हैं। भारत सरकार आधार, माय गोव, सरकारी, ई- बाजार, डिजिलॉकर इत्यादि विविध सरकारी कार्यक्रम अत्यधिक संख्या में नागरिको, कंपनियों तथा सरकारी एजेंसी को ऑनलाइन व्यापारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसमें किसी भी प्रकार की ठगी अथवा धोखा उपभोक्ता या उपयोगकर्ताओं के साथ ना हो। भारत विश्व में पांचवा देश है जहां साइबर सुरक्षा का उल्लंघन होता है। भारत में एक आंकड़े के अनुसार प्रति 10 मिनट में एक साइबर अपराध दर्ज दर्ज किया जाता है। इसलिए साइबर सुरक्षा आवश्यक है। भारत सरकार चाहती है कि देश और स्वयं को आर्थिक क्षति से बचाया जाए। भारत में इंटरनेट प्रयोग करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है इस कारण सभी को इसको लेकर जागरूक होने की आवश्यकता है।
पूर्व प्रधानाचार्य सह अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि साइबर स्वास्थ्य से तात्पर्य विभिन्न प्रकार के हमले, क्षति,दुरुपयोग तथा आर्थिक जासूसी से साइबर स्पेस को सुरक्षित रखना है। साइबर स्पेस सूचना संबंधी परिवेश के भीतर एक वैश्विक क्षेत्र है। जिसकी स्वयं की इनफारर्मेशन टेक्नोलॉजी, अवसंरचना इंटरनेट, दूरसंचार नेटवर्क, कंप्यूटर प्रणालियां आदि होती है। अब साइबर और इंटरनेट की दुनिया है। अगर दुनिया के साथ चलना है तो अपने आप को सुरक्षित और संरक्षित रखते हुए साइबर क्षेत्र में खुद को रखना पड़ेगा। आज के दौर में आपराधिक संगठनों ने पेशेवर साइबर हमलों को भारी मात्रा में वित्त पोषित करना शुरू कर दिया है। सरकारों ने भी हैकिंग को अपराध घोषित कर उस पर नकल कसना शुरू किया है। अतः किसी भी प्रकार की दुर्घटना ना घटे,इसके लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई -1 के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. इंद्रकांत झा ने कहा कि साइबर क्षेत्र में जो व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, इसका मुख्य रूप से तीन ही कारण है, जिसमें पहला कारण उन्होंने राजनीतिक को बताया। दूसरा कारण वित्तीय अथवा आर्थिक और तीसरा कारण आतंकी दहशत पैदा करना।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-2 के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अमिष कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से साइबर क्राइम से बचने के उपाय बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम मनुष्यों को अपने शरीर को स्वस्थ रखना होता है, उसके लिए हम कुछ नियमों का पालन करते हैं, उसी प्रकार हमें अपने इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्रियों को भी सुरक्षित रखने के लिए कार्य करना होगा। अपने इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्रियों को आज के जमाने में बचाना है तो सबसे पहले अपने सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करना होगा। साथ ही मोबाइल, लैपटॉप एवं टैब में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करना पड़ेगा किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए अपने इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री में मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना सुनिश्चित करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अज्ञात प्रेषकों से प्राप्त ई-मेल अटैचमेंट को नहीं खोलना चाहिए। अगर अपने मोबाइल, लैपटॉप, एवं टैब को सुरक्षित रखना है तो सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करने से बचना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमिष कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के समर्थ के नोडल पदाधिकारी डॉ. रामानंद रमन किया।

कार्यक्रम में डॉ. आशुतोष कुमार झा, डॉ. उर्मिला अरोड़ा, डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. शुभ्रा पांडे, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. कुमारी अपर्णा, डॉ. रामानंद रमन, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. लक्ष्मी कुमार कर्ण, डॉ. प्रतिभा कपाही, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अवध किशोर सिंह, डॉ. नागेंद्र कुमार राय, डॉ. मंसूर आलम, डॉ. गोपाल कुमार साहू, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. राम अवधेश कुमार, डॉ. निर्मल कुमार, डॉ. प्रबीर घोष, डॉ. विनय कुमार सिन्हा, डॉ. मोनिका कुमारी, डॉ. विनीता चौहान, डॉ. चंदन किशोर, डॉ. श्वेता प्रसाद, डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा, डॉ.रूद्र किंकर वर्मा, डॉ. कमलाकांत झा, डॉ० हनी सिन्हा,डॉ. संजय परमार,डॉ. अक्षय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, डॉ० सुदीप कुमार झा, डॉ० पंकज यादव, डॉ० प्रशांत कुमार मनोज, डॉ०निशित रंजन, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० कोमल गुप्ता, डॉ० सुरेश प्रियदर्शी, डॉ० प्रीति कुमारी, डॉ० पिंकी कुमारी, डॉ० रूपक कुमारी, डॉ० सोनी कुमारी,डॉ० विकास कुमार, डॉ० मनीष रंजन, डॉ० सतीश राज, डॉ० अब्दुल सत्तार, डॉ० प्रीति कुमारी, डॉ०लक्ष्मण कुमार,डॉ० धनंजय सिंह, शिक्षकेतर कर्मचारियों में श्री प्रणय प्रणव, नंदकिशोर झा, आशुतोष पाण्डेय, आलोक कुमार झा, सहित अन्य उपस्थित रहे।


