जनसेवा के पथ का एक समर्पित सिपाही खो दिया : विकास के निधन से आवास कर्मी संघ मर्माहत: शास्त्री
जनसेवा के पथ का एक समर्पित सिपाही खो दिया : विकास के निधन से आवास कर्मी संघ मर्माहत: शास्त्री

जे टी न्यूज, खगड़िया:
सदर प्रखंड के रानीसकरपुरा पंचायत में कार्यरत ग्रामीण आवास सहायक विकास कुमार के असामयिक निधन से ग्रामीण आवास कर्मियों तथा उनके समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार कार्य के दौरान अचानक ब्रेन हेमरेज होने के बाद उन्हें पहले सदर अस्पताल खगड़िया, फिर बेगूसराय और बाद में बेहतर उपचार के लिए पटना रेफर किया गया। पटना ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उनका निधन हो गया।
निधन के उपरांत पोस्टमार्टम के लिए उनके पार्थिव शरीर को खगड़िया सदर अस्पताल से भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भेजा गया, जहां शनिवार को अंत्यपरीक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बड़ी मलिया (गोगरी) ले जाया गया।
इस अवसर पर जदयू जिला प्रवक्ता सह राज्य ग्रामीण आवास कर्मी महासंघ (सगासा), बिहार के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने सहयोगियों के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विकास कुमार एक कर्मठ, ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार कर्मी थे, जिन्होंने गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी आवास योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शास्त्री ने कहा कि उनका निधन परिवार, ग्रामीण आवास कर्मी संघ और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। श्री शास्त्री ने मृतक आवास सहायक के आश्रित को सरकारी स्तर पर 25 लाख रुपए अनुदान और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग जिला प्रशासन और सरकार से की है।

इस दौरान आरडीओ सुश्री श्रुति कुमारी, खगड़िया सदर अंचल अधिकारी संघ के जिला सचिव मधुसूदन कुमार,असद उल्लाह शाद, प्रीतम कुमार, सुमित कुमार, पिंटू कुमार, अशोक मरांडी, नीतेश दास,कोमल कुमारी, पिंकी कुमारी, सुरेश यादव, चंदन कुमार, रजनीश,माधव,सुमन कुमार,शंकर झा पिंटू ठाकुर, दिलीप कुमार पोद्दार,मनोज कुमार दास,नवेश कुमार,पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोगों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बताते चलें कि स्वर्गीय विकास कुमार के एक 7 वर्षीय पुत्र और दो पुत्री एक पत्नी को छोड़ गये।

