“मंडल कमीशन लागू होते ही वीपी सिंह की सरकार भाजपा ने क्यों गिरा दी थी?”* जे टी न्यूज़

“मंडल कमीशन लागू होते ही वीपी सिंह की सरकार भाजपा ने क्यों गिरा दी थी?”*
जे टी न्यूज़


सीधा जवाब: *मंडल कमीशन ही वजह थी, पर राम मंदिर ने ट्रिगर दबाया*। ये 1990 की सबसे बड़ी सियासी साजिश थी। पूरा विश्लेषण:
*1. टाइमलाइन – 3 महीने में सरकार गिर गई*
**तारीख** **घटना**
**7 अगस्त 1990** वीपी सिंह ने संसद में OBC को 27% आरक्षण का ऐलान किया – मंडल लागू
**सितंबर-अक्टूबर 1990** देशभर में “मंडल विरोध” आंदोलन। सवर्ण छात्र सड़क पर, आत्मदाह
**25 सितंबर 1990** आडवाणी ने सोमनाथ से “रथ यात्रा” शुरू की – राम मंदिर के लिए
**23 अक्टूबर 1990** बिहार में लालू यादव ने आडवाणी को समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया
**7 नवंबर 1990** भाजपा ने वीपी सरकार से समर्थन वापस लिया → सरकार गिर गई
मात्र 3 महीने। मंडल 7 अगस्त, सरकार 7 नवंबर को गई।
*2. भाजपा ने समर्थन क्यों वापस लिया? 2 कारण*
*कारण 1: मंडल = भाजपा का वोट बैंक टूट रहा था*
भाजपा का कोर वोटर = सवर्ण हिंदू + व्यापारी + शहरी मध्यम वर्ग।
मंडल लागू होते ही ये वोटर भड़क गया। दिल्ली, यूपी, बिहार में BJP के खिलाफ नारे: “मंडल मुर्दाबाद”।
*भाजपा की दुविधा*:
– अगर मंडल का समर्थन करे → सवर्ण वोटर नाराज
– अगर मंडल का विरोध करे → OBC वोटर नाराज + सरकार गिर जाएगी
भाजपा ने सवर्ण वोट बचाने का रिस्क लिया।
*कारण 2: राम मंदिर = बड़ा मुद्दा छीनना*
वीपी सिंह ने मंडल फेंककर OBC को अपने पाले में कर लिया। अब भाजपा के पास “हिंदू कार्ड” ही बचा था।
*भाजपा की प्लानिंग*: मंडल से ध्यान हटाकर राम मंदिर पर ले जाओ। नारा दिया: “पहले मंदिर, फिर सरकार”।
जब लालू ने आडवाणी को गिरफ्तार किया, तो भाजपा को बहाना मिल गया। बोली: “वीपी सिंह हिंदू भावनाओं का अपमान कर रहे हैं, हम समर्थन वापस लेते हैं”।
*3. वीपी सिंह ने मंडल क्यों लागू किया? उनका कैलकुलेशन*
वीपी सिंह खुद ठाकुर थे, पर PM की कुर्सी कमजोर थी। उनके पास 143 सीट थीं, बहुमत के लिए 272 चाहिए। भाजपा 86 सीट से बाहर से समर्थन दे रही थी।
*वीपी का मास्टरस्ट्रोक*: मंडल लागू करके 52% OBC को सीधे अपनी तरफ कर लो। ताकि भाजपा समर्थन हटाए तो भी OBC + मुस्लिम + जनता दल = सरकार बचा लेंगे।
पर उल्टा हो गया। मंडल से OBC तो वीपी के साथ आए, पर सवर्ण + भाजपा एक हो गए। और चंद्रशेखर ने भीतर से धोखा दे दिया।
*4. सीधी बात – भाजपा ने सरकार गिराई या खुद गिरी?*
1. *भाजपा ने गिराई*: 7 नवंबर को औपचारिक लेटर देकर समर्थन वापस लिया। बहाना: आडवाणी की गिरफ्तारी।
2. *असली वजह मंडल थी*: भाजपा नेता खुद मानते हैं कि मंडल के बाद पार्टी में बवाल था। अडवाणी जी ने बाद में लिखा: “मंडल ने भाजपा को हिंदुत्व की तरफ धकेल दिया”।


मतलब: मंडल ने भाजपा को 2 रास्ते दिए – OBC या सवर्ण। भाजपा ने सवर्ण + राम मंदिर चुना। उसी दिन से भाजपा की राजनीति “मंडल vs कमंडल” हो गई।
*नतीजा क्या हुआ?*
1. *वीपी सिंह*: PM गए, पर OBC के हीरो बन गए। आज भी “मंडल मसीहा” कहलाते हैं।
2. *भाजपा*: 1991 में 120 सीट से 1998 में 182 सीट। राम मंदिर + मंडल विरोध = सवर्ण वोट भाजपा के पास आ गया।
3. *देश*: “मंडल-कमंडल” की राजनीति शुरू। जाति की लड़ाई तेज हो गई।
*1 लाइन में*: वीपी सिंह ने मंडल से OBC को जगाया, भाजपा ने कमंडल से सवर्ण को। उसी टकराव में वीपी की कुर्सी चली गई।

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