छात्र आंदोलन को जीत के लिए बहुत बहुत बधाई
छात्र आंदोलन को जीत के लिए बहुत बहुत बधाई

जे टी न्यूज, नई दिल्ली : संघर्ष का फल बहुत ही मीठा मिला।क्योंकि संघर्ष की कोख से जन्मी व्यवस्था भी सबके लिए अच्छी होती है।शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा।मोदी सरकार की इस निरंकुश व्यवस्था के खिलाफ समस्त भारत के छात्र सड़कों पर निकलना प्रारंभ कर दिये हैं और एक बार फिर ये संसद मार्च करने वाले हैं।जिसके डर से भयभीत होकर यह इस्तीफा आया है।जब इनको अपनी गद्दी खिसकने का भय गहरा दिखने लगता है।तभी ये झुकते हैं।आप किसान आंदोलन से सबक लेकर इनके लुभावने बातों में मत फँसाना।
2021 किसान आन्दोलन भी इन्हें भयभीत किया था।13 महीनों तक दिल्ली के सभी बॉर्डर पर किसान कोरोना के दौर में डटे रहे थे।किसान घर जाने को तैयार नहीं थे।736 किसानों ने बोर्डर पर आंदोलन करते शहादत दी थी।जिससे भयभीत होकर तीन किसान विरोधी काला कानून वापस लेना पड़ा था।लेकिन मोदी सरकार द्वारा किसानों को दिये गये सारे वायदे झूठे हो गये।वायदे के बाद भी शहीदों को मुआवजा नहीं मिला।किसानों के आत्म हत्या का मुख्य कारण कृषि कर्ज माफ नहीं हुआ।आप इनके वार्ता से सतर्क रहना।क्योंकि ये हिटलर के चेले हैं।ये जो कहते वो करते नहीं और जो करते हैं उसे कहते नहीं।
अब इस आंदोलन का नारा मोदी हटाओ देश बचाओ हो गया है।भाजपा शासित हर राज्यों में आंदोलनकारियों पर नृशंस हमले हो रहे हैं।बिहार ने भी अगड़ाई ले लिया है।छात्र बिगड़ैल पुलिसकर्मियों से मुकाबला ले रहे हैं।देश के किसान भी आपके आंदोलन के कतार में खड़े हैं।बाकी पूरा देश आपके साथ खड़ा है।


