रोहतास में सौर क्रांति की दस्तक 561 घरों की छतों पर चमके सोलर पैनल, अब हर घर को मुफ्त बिजली से जोड़ने की तैयारी

डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने सोलर जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

रोहतास में सौर क्रांति की दस्तक 561 घरों की छतों पर चमके सोलर पैनल, अब हर घर को मुफ्त बिजली से जोड़ने की तैयारी
डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने सोलर जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
बोले : सौर ऊर्जा अपनाएं, बिजली बिल घटाएं और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाएं कदम

जे टी न्यूज़, सासाराम(रोहतास)एन बाबा : जिले में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम लोगों को बिजली बिल के बोझ से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्र एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय समाहरणालय परिसर से सोलर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल के माध्यम से जिले के शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों को सौर ऊर्जा के फायदे, सरकारी अनुदान और रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। जिले में अब तक 561 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ना है। जागरूकता रथ विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को बताएगा कि किस प्रकार घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली खर्च में बड़ी बचत की जा सकती है।
98 हजार रुपये तक अनुदान, 5.75 प्रतिशत ब्याज पर ऋण
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये तथा बिहार सरकार की ओर से अधिकतम 20 हजार रुपये का अतिरिक्त अनुदान निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दिया जा रहा है। इस प्रकार कुल 98 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। एक किलोवाट पर 40 हजार, दो किलोवाट पर 80 हजार तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त इच्छुक उपभोक्ताओं को बैंक के माध्यम से लगभग 5.75 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकृत सोलर वेंडरों और बैंकों के सहयोग से आवेदन से लेकर संयंत्र स्थापना तक आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा।
डीएम की पहल से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई रफ्तार
जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्र ने इस अभियान को केवल सरकारी योजना का प्रचार नहीं,बल्कि आम नागरिकों को आर्थिक रूप से राहत देने और जिले को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों,मुखिया,पंचायत प्रतिनिधियों,वार्ड सदस्यों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा पात्र परिवारों को सोलर संयंत्र लगाने के लिए प्रेरित करें।
डीएम ने विशेष रूप से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान को प्रभावी बनाने तथा योजना का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
छत पर सोलर पैनल, 30 वर्षों तक बिजली उत्पादन का लाभ
विभागीय जानकारी के अनुसार एक किलोवाट सोलर संयंत्र के लिए लगभग 100 वर्गफुट छत की जगह आवश्यक होती है। उचित रखरखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 30 वर्षों तक काम कर सकते हैं। एक किलोवाट संयंत्र से प्रतिदिन औसतन 4 से 5 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है। वहीं दो किलोवाट से 8 से 10 यूनिट और तीन किलोवाट से 12 से 15 यूनिट तक बिजली उत्पादित हो सकती है। उत्पादित बिजली का घरेलू उपयोग करने के साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की सुविधा भी है, जिससे नियमानुसार बिजली बिल में समायोजन किया जा सकता है।
जिला प्रशासन की अपील जनप्रतिनिधि और विभाग मिलकर बढ़ाएं जागरूकता
जिलाधिकारी ने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से जहां परिवारों के बिजली खर्च में कमी आएगी,वहीं पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया।


इस अवसर पर विद्युत अधीक्षण अभियंता सासाराम ई.इंद्रदेव कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता सासाराम ई. ब्रवीम,जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय सहायक विद्युत अभियंता सासाराम(शहरी)रंजन कुमार सहित विद्युत विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहें। जिला प्रशासन की इस पहल से उम्मीद है कि रोहतास में सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ेगा और आने वाले दिनों में अधिकाधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल नजर आएंगे।

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