14 सालों में सिर्फ 24 करोड़ नौकरियां नहीं छीनी गई आत्मविश्वास छीना गया
14 सालों में सिर्फ 24 करोड़ नौकरियां नहीं छीनी गई आत्मविश्वास छीना गया

जे टी न्यूज, दिल्ली: मेरे 65 करोड़ युवा साथियों तुमसे ईन 14 सालों में सिर्फ 24 करोड़ नौकरियां नहीं छीनी गई। तुमसे तुम्हारी पूरी जवानी छीनी जा रही है। तुम्हारा आत्मविश्वास छीना जा रहा है। तुम्हारा भविष्य छीना जा रहा है।
सबसे खतरनाक बात ये है कि तुम्हें एहसास भी नहीं होने दिया जा रहा कि तुम्हारे साथ लूट हो रही है।
गांव का युवा सुबह 9 बजे उठता है। नहाता है। घर वालों की बातें सुनता है। बेरोजगारी की टेंशन झेलता है। फिर मार्केट निकल जाता है। कोई चौराहे पर बैठा है। कोई मोबाइल में रील देख रहा है। कोई नेता की पोस्ट पर जय श्रीराम या जिंदाबाद लिख रहा है। कोई धर्म बचा रहा है। कोई जाति बचा रहा है। लेकिन अपने घर की हालत नहीं बचा पा रहा।
तुम्हारे बाप ने खेत गिरवी रखकर तुम्हें पढ़ाया। मां ने गहने बेचे। लेकिन सरकार ने तुम्हें क्या दिया 8 साल में 70 पेपर लीक हुए 35 भर्तीया सीधे तौर पर रद्द हुई इंटरव्यू घोटाले ठेका प्रथा और 10 हजार रुपए की नौकरी के लिए 10 लाख लड़कों की लाइन मिली है
देश में 45 लाख से ज्यादा सरकारी पद खाली पड़े हैं। लेकिन भर्ती नहीं निकाली जाती। क्यों क्योंकि बेरोजगार युवा सस्ता कार्यकर्ता होता है। उसको बस एक झंडा दो और धर्म का नारा दो। वो मुफ्त में भीड़ बन जाएगा।

2014 के बाद देश में अरबपतियों की संपत्ति 5 गुना बढ़ी। लेकिन गांव का युवा आज भी बाइक में 50 रुपए का पेट्रोल डलवाकर घूम रहा है। गैस सिलेंडर 400 से 1100 तक गया। पढ़ाई महंगी हुई। कोचिंग माफिया बढ़ा। प्राइवेट अस्पतालों ने गरीब आदमी की कमर तोड़ दी।
लेकिन टीवी पर चर्चा किस बात की हुई मंदिर मस्जिद पाकिस्तान फिल्म और धर्म खतरे में है तुम्हें असली खतरा बेरोजगारी से था लेकिन तुम्हें दुश्मन कोई और दिखाया गया।
सोचो जरा। नेता का बेटा विदेश में पढ़ता है तुम्हारा भाई कहां पढ़ता है टूटी हुई सरकारी बिल्डिंग में जहां पंखा तक नहीं चलता। नेता के बच्चे अंग्रेजी स्कूलों में जाते हैं तुम्हारे बच्चे 200 बच्चों वाली सरकारी क्लास में जाते हैं
नेता के परिवार के पास करोड़ों की संपत्ति है तुम्हारे घर में फीस भरने के पैसे नहीं है नेताओं के रिश्तेदार सीधे राजनीति में चले जाते हैं तुम्हें नौकरी के लिए उम्र निकलने तक लाइन में खड़ा रखा जाता है।
इन नेताओं को नेता किसने बनाया तुमने बनाया और कैसे बनाया सारा दिन उनके लिए नारे लगाए तपती हुई रोडो पर रैलियां निकाली अपने भाई बंधुओ से लडे अपने खून के रिश्तो से लड़े अपने बच्चों के भविष्य के खिलाफ खड़े हुए
ये किसी भी सरकार की सिर्फ असमानता नहीं है। ये योजनाबद्ध व्यवस्था है।
आज युवा से नौकरी छीनी गई फिर स्थायी रोजगार छीना गया फिर सरकारी संस्थाएं छीनी गईं फिर रेलवे निजी हाथों में फिर एयरपोर्ट निजी हाथों में फिर बंदरगाह निजी हाथों में और अब शिक्षा और स्वास्थ्य भी धीरे धीरे अमीरों की चीज बनते जा रहे हैं।
तुमसे कहा गया स्टार्टअप करो। अरे भाई गांव का लड़का बिना पूंजी के कौन सा स्टार्टअप करेगा जिस घर में महीने का 2000 रुपय का राशन उधार आता हो वहां लड़का ऐप नहीं बनाता वहां लड़का 10-20 हज़ार की नौकरी ढूंढता है।
आज भारत का युवा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक मजदूर बन चुका है। युवा रैली में जाएगा युवा पोस्टर लगाएगा युवा सोशल मीडिया पर लड़ेगा युवा लाठी खाएगा युवा जेल जाएगा लेकिन मंत्री कौन बनेगा नेता का बेटा तुम्हें सिर्फ इस्तेमाल किया जा रहा है।
अगर इस देश के 10 करोड़ युवा सिर्फ एक मांग पर एकजुट हो जाएं कि हर साल भर्ती दो पेपर लीक बंद करो सरकारी स्कूल मजबूत करो सरकारी अस्पताल मजबूत करो स्थानीय युवाओं को रोजगार दो तो 6 महीने में पूरी राजनीति बदल जाएगी।
लेकिन समस्या ये है कि युवा अपने अधिकार मांगने में शर्म करता है और नेता की गुलामी करने में गर्व महसूस करता है।
जिस दिन इस देश का युवा धर्म और जाति से ऊपर उठकर रोजगार पर वोट डालना शुरू कर देगा उस दिन सबसे ज्यादा डर नेताओं को लगेगा।
क्योंकि तब उनको पहली बार भीड़ नहीं जागा हुआ नागरिक दिखाई देगा।
फेसबुक वॉल : राधिकावर्मा

