कविवर यदुनंदन रसिक की 21वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

कविवर यदुनंदन रसिक की 21वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

जे टी न्यूज, समस्तीपुर:
कविवर यदुनंदन रसिक की 21वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता सेवानिवृत्ति शिक्षक राम आशीष राय व संचालन शिक्षक रामबालक राय ने किया।
यह कार्यक्रम जितवारपुर स्थित प्रभात पुस्तकालय के सभागार में किया गया।
जहां एक और जितवारपुर आसपास के शिक्षकों के द्वारा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में बताया गया। उनके द्वारा साहित्य, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया गया।
वहीं दूसरी तरफ फिर से प्रभात पुस्तकालय 2.0 को पुनर्जीवित करने हेतु सदस्यता अभियान की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में स्कूली छात्रों द्वारा भी उनके चलचित्र पर पुष्प अर्पित किया गया, एवं उनके द्वारा काव्य पाठ भी किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि कविवर यदुनंदन रसिक ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार और लोक संस्कृति को अभिव्यक्ति दी। उनकी साहित्यिक रचनाएं आज भी पाठकों और नई पीढ़ी को प्रेरणा देती हैं।
श्रद्धांजलि समारोह में बच्चों ने भी काव्य पाठ किया ,जिसमें प्रमुख रूप से प्रज्ञा भारती सौम्या, जिश यादव आदि थे।
कार्यक्रम में प्रो. दिनेश कुमार यादव,प्रो. उमाशंकर विद्यार्थी, विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग, समस्तीपुर महाविद्यालय , राम शोभित राय , डी डी ओ कृष्ण कुमार, रजनीश कुमार,प्रधानाध्यापक विजय राय, अभियंता हरे कृष्णा रजक, निशांत कुमार राजकुमार राय वशिष्ठ, दिवाकर कुमार
सहित जितेन्द्र राय, श्री सुरेन्द्र पंडित, उमेश राय,साधना कुमारी, समता कुमारी एवं अन्य साहित्यप्रेमियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

 


वक्ताओं ने कहा कि ऐसे साहित्यकारों की स्मृति को जीवंत रखना समाज की जिम्मेदारी है। नई पीढ़ी को उनके साहित्य और विचारों से परिचित कराने के लिए नियमित साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। कार्यक्रम के लिए धन्यवाद ज्ञापन कवि यदुवंशी के पुत्र अमलेंदु कुमार ने किया।
सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने कविवर यदुनंदन रसिक के साहित्यिक योगदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों और रचनात्मक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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