बिंदेश्वरी प्रसाद राव 40 वीं स्मृति दिवस पर याद किये गये
बिंदेश्वरी प्रसाद राव 40 वीं स्मृति दिवस पर याद किये गये

जे टी न्यूज, बेतिया: चम्पारण के स्वतंत्रता सेनानी बैरिया प्रखण्ड के लौकारिया निवासी बिंदेश्वरी प्रसाद राव 40 वीं स्मृति दिवस पर याद किये गये।उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके द्वितीय पुत्र प्रभुराज नारायण राव ने बताया कि बिंदेश्वरी प्रसाद राव को अपने बाल्य अवस्था में महात्मा गांधी का सेवा टहल करने का मौका मिला था।1917 में 22 अप्रैल को मोहन दास करमचंद गांधी बेतिया आए।24 अप्रैल 1917 को मेरे बाबा खेंहर राव के साथ मेरे घर लौकारिया आये। वहां रहकर बैरिया कोठी के मैनेजर मिस्टर गेल दमन और किसानों पर हो रहे बर्बर कार्रवाई की जांच के लिए शिवराजपुर,करमैनी, भेड़ीहारी, तधवा नंदपुर, बैरिया आदि स्थानों पर गए।उनके साथ डॉ राजेन्द्र प्रसाद,आचार्य कृपलानी,ब्रजकिशोर बाबू भी थे।
रात्री विश्राम के समय गांधीजी को पानी,चाय देने के काम में 8 साल की उम्र में बिंदेश्वरी प्रसाद राव लगे रहते थे।वे अपने बढ़ते उम्र के साथ अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध लड़कों को गोलबंद कर गोरी चमड़ी वालों भारत छोड़ो,ब्रिटिश हुकूमत वापस जाओ आदि नारे लगाते रहते थे।अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन करने के जुर्म में 1933,1938,1942,1945 में चार बार गिरफ्तार किये गये।वे सामाजिक कार्यकर्त्ता के साथ साथ कांग्रेस के नेता भी थे।केदार धाम (उत्तराखंड) जाने के क्रम में हृदयगति रुक जाने के कारण गौरी कुण्ड में हमेशा के लिए हम सब को छोड़ कर चले गए।उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि।
