बाल विवाह पर कड़ा प्रहार,बेटियों ने भरी हुंकार सासाराम में 250 छात्राओं ने लिया बाल विवाह रोकने का संकल्प
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर रमा जैन बालिका उच्च विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम
बाल विवाह पर कड़ा प्रहार,बेटियों ने भरी हुंकार
सासाराम में 250 छात्राओं ने लिया बाल विवाह रोकने का संकल्प
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर रमा जैन बालिका उच्च विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम

जे टी न्यूज, सासाराम(रोहतास)एन बाबा: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सासाराम के रमा जैन बालिका उच्च विद्यालय में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की अलख जगाई गई। महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 250 छात्राओं ने हिस्सा लिया और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह पर रोक लगाना,बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रति आम लोगों को जागरूक करना तथा बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा। इस दौरान छात्राओं को बताया गया कि बाल विवाह उनके बचपन,शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
**बाल विवाह की जानकारी मिलते ही प्रशासन को करें सूचित**
कार्यक्रम में उपस्थित वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ कुमारी मेघा ने छात्राओं को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया। उन्होंने बाल विवाह न करने तथा अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने की अपील की। छात्राओं को इस संबंध में **181 हेल्पलाइन** पर सूचना देने के लिए भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं को बाल विवाह के विरुद्ध आवाज उठाने और समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई।

*पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता से दिया जागरूकता का संदेश**
कार्यक्रम को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय की छात्राओं के बीच पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ संदेश देने का प्रयास किया। प्रतियोगिताओं के जरिए बेटियों की शिक्षा,सुरक्षा,अधिकार और उज्ज्वल भविष्य के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
**250 छात्राओं को मिली स्टेशनरी किट** जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लगभग 250 छात्राओं के बीच स्टेशनरी किट का वितरण किया गया। इससे छात्राओं का उत्साह बढ़ा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम के कर्मचारी तथा विद्यालय के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहें। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह को रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। बेटियों को शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर देकर ही एक जागरूक एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।



