महिला महाविद्यालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित

छात्राओं को दी गई पंजीकरण प्रक्रिया और प्रमाण-पत्र की उपयोगिता की जानकारी पुष्पम कुमारी रहीं प्रथम

महिला महाविद्यालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित

छात्राओं को दी गई पंजीकरण प्रक्रिया और प्रमाण-पत्र की उपयोगिता की जानकारी पुष्पम कुमारी रहीं प्रथम

जे टी न्यूज,
समस्तीपुर: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला सांख्यिकी कार्यालय एवं जिला प्रशासन, समस्तीपुर के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को महिला महाविद्यालय, समस्तीपुर में जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर जागरूकता कार्यक्रम और क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को जन्म एवं मृत्यु के अनिवार्य पंजीकरण, इसकी प्रक्रिया तथा विभिन्न सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में प्रमाण-पत्र की उपयोगिता से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अशोक कुमार, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी पवन कुमार सिंह, सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण झा तथा डीपीओ, नमामि गंगे नीरजेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

**जन्म-मृत्यु पंजीकरण की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी: अशोक कुमार**

मुख्य अतिथि जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसकी सही जानकारी प्रत्येक नागरिक को होनी चाहिए। समय पर और सही पंजीकरण से आधिकारिक अभिलेखों की शुद्धता बनी रहती है। साथ ही, जनसंख्या संबंधी विश्वसनीय आंकड़ों के संकलन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि छात्राएं समाज में जागरूकता फैलाने की प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। इसलिए उन्हें स्वयं जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ अपने परिवार और समुदाय के लोगों को भी जन्म-मृत्यु पंजीकरण के प्रति जागरूक करना चाहिए।

**जागरूक नागरिक बनाना शिक्षा का उद्देश्य: प्रो. राजेश कुमार रंजन**

महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी देते हैं।

उन्होंने कहा कि जन्म एवं मृत्यु का सही पंजीकरण महत्वपूर्ण अभिलेखों को प्रमाणित करने के साथ-साथ विकास योजनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने में भी सहायक होता है। उन्होंने जिला प्रशासन और जिला सांख्यिकी कार्यालय की इस पहल की सराहना की।

**विकास योजनाओं के लिए विश्वसनीय आंकड़े आवश्यक: डॉ. विजय कुमार गुप्ता**

अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े किसी भी देश या राज्य की विकास योजनाओं का आधार होते हैं। जन्म-मृत्यु पंजीकरण से प्राप्त आंकड़े जनसंख्या वृद्धि, जन्म-दर, मृत्यु-दर और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं की आवश्यकताओं का आकलन कर सकती है। इसलिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानकर बेहतर प्रशासन और समावेशी विकास के लिए आवश्यक व्यवस्था के रूप में समझना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से इस जानकारी को समाज तक पहुंचाने की अपील की।

**पंजीकरण प्रक्रिया और प्रमाण-पत्र की उपयोगिता बताई गई**

सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी पवन कुमार सिंह ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक सूचनाओं और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी। सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण झा ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र की उपयोगिता और पंजीकरण से जुड़ी सामान्य प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला।

डीपीओ, नमामि गंगे नीरजेश कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने में सहायक होते हैं।

**क्विज प्रतियोगिता में पुष्पम कुमारी प्रथम**

वक्ताओं के संबोधन के बाद जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें छात्राओं से पंजीकरण प्रक्रिया, प्रमाण-पत्र की उपयोगिता और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रश्न पूछे गए। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रश्नों के उत्तर दिए।

प्रतियोगिता में पुष्पम कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बुशरा प्रवीण द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि श्रेया अमबस्टा और दिव्या भारती ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। पूजा कुमारी चतुर्थ स्थान पर रहीं। सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि की सराहना की गई।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुमन सौरव, किशन कुमार और संजीत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. सुरेश साह, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. संगीता, डॉ. पर्णम शर्मा, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. कल्पना सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।

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