नाव दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख मुआवजा मिले: पप्पू यादव
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ राहत, बांध-पुल निर्माण की उच्चस्तरीय जांच, युवाओं की नियुक्ति और महिला सुरक्षा समेत कई मुद्दे उठाए
नाव दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख मुआवजा मिले: पप्पू यादव
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ राहत, बांध-पुल निर्माण की उच्चस्तरीय जांच, युवाओं की नियुक्ति और महिला सुरक्षा समेत कई मुद्दे उठाए

जे टी न्यूज,
पटना: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को पटना में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) से मुलाकात कर विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नाव दुर्घटनाओं में मृत लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने, नावों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने तथा बांध और पुल निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में बाढ़, शिक्षा, रोजगार, डोमिसाइल नीति, महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे।
नाव दुर्घटनाओं और बाढ़ से हुई मौतों पर जताई चिंता
पप्पू यादव ने भागलपुर में नाव दुर्घटना तथा छपरा के मकेर, परसा, अमनौर और पानापुर सहित विभिन्न इलाकों में बाढ़ से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने अपने ज्ञापन में छपरा में लगभग 40 से 50 और बेतिया में करीब 18 लोगों की मौत की जानकारी का हवाला दिया। उनके अनुसार, कई लोगों की मौत नाव पलटने, डूबने और सांप काटने से हुई है। उन्होंने हाल की एक नाव दुर्घटना में 14 बच्चों की मौत को बेहद दुखद बताते हुए जल परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

सांसद ने नावों में लाइफ जैकेट सहित पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और रात में असुरक्षित तरीके से नावों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने दीपावली और छठ तक जल परिवहन की व्यवस्था बनाए रखने, कम से कम 40 स्टीमर चलाने तथा भागलपुर के विक्रमशिला गंगा तटवर्ती क्षेत्र में बड़ी यात्री नावों और ट्रैक्टरों की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
बांध और पुल निर्माण की उच्चस्तरीय जांच की मांग
पप्पू यादव ने गंडक नदी के तटबंध टूटने और बाढ़ नियंत्रण कार्यों में कथित लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने बूढ़ी गंडक में बढ़ते जलस्तर और नारायणी नदी से मुजफ्फरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में संभावित नुकसान को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि बांध टूटने की घटनाओं में केवल इंजीनियरों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। सांसद ने टूटे पुलों में इस्तेमाल सरिया की गुणवत्ता, मेसर्स श्याम स्टील की सरिया तथा निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों के पालन की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा, सरकारी परियोजनाओं में इस्तेमाल टीएमटी सरिया, विभागों की अनुमोदित मेक सूची और कम दर पर आवंटित निविदाओं की भी जांच कराने का आग्रह किया।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दे भी उठाए
ज्ञापन में बिहार के नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने और दर्शनशास्त्र विभाग की स्थापना की मांग शामिल रही। पप्पू यादव ने बेल्ट्रॉन डाटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्ति अधिसूचना संख्या 678/2024 के तहत शेष 4,808 योग्य अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग को लेकर 20 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र पर अनुस्मारक भी दिया।

उन्होंने पूर्व में संचालित 1,731 कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) केंद्रों को फिर से शुरू करने और ‘केवाईपी डिजिटल मित्र’ योजना के वर्तमान प्रारूप पर पुनर्विचार करने की मांग की। इसके साथ ही टीआरई-3 की लंबित नियुक्तियों और अनुपूरक परिणाम, टीआरई-4 की अधिसूचना में देरी तथा 70वीं बीपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। गर्दनीबाग में छात्र सत्याग्रह के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक नियोजन से जुड़ी अनिश्चितता दूर करने की अपील की।
स्थानीय युवाओं के लिए प्रभावी डोमिसाइल नीति की मांग
सांसद ने बिहार की सरकारी नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रभावी डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग की। इस संबंध में 21 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र पर भी अनुस्मारक सौंपा गया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के उचित अवसर उपलब्ध कराना और नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
ज्ञापन में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के अनुरक्षकों के मानदेय भुगतान में तकनीकी बाधाओं, नकद भुगतान व्यवस्था में भ्रष्टाचार और राजस्व नुकसान की आशंका का विषय भी उठाया गया। इसके अतिरिक्त, महिला सुरक्षा से जुड़े दो गंभीर मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की गई। इन मामलों में 20 अगस्त और 22 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्रों पर भी अनुस्मारक दिया गया।
सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग
पप्पू यादव ने फेसबुक और मेटा जैसे सोशल मीडिया मंचों पर फर्जी समाचार, भ्रामक सूचना, डीपफेक, फर्जी खातों और आपत्तिजनक सामग्री के दुरुपयोग पर कठोर नियामक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों, शिक्षा, सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सांसद ने राज्यपाल से आग्रह किया कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर बिहार सरकार और केंद्र सरकार से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने की पहल की जाए, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिले और जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

