संवैधानिक संस्थाओं की साख खत्म हो रही है, चुनाव आयोग पर भी उठे सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप, लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान

संवैधानिक संस्थाओं की साख खत्म हो रही है, चुनाव आयोग पर भी उठे सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप, लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान

जे टी न्यूज,
नई दिल्ली: देश की संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी बयान में आरोप लगाया गया है कि पहले जांच एजेंसियों की साख को कमजोर किया गया और अब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली भी लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बन गई है।

बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया गया कि उनके कार्यों से जनता का विश्वास और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। आरोप लगाने वाले पक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था से निष्पक्षता और पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।

बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार को कठपुतली बताया गया। साथ ही कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष का ऐलान

बयान में कहा गया कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है। विपक्षी पक्ष ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन के सभी दल लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हैं।

बयान में लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई गई। साथ ही कहा गया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर आवश्यक कुर्बानी देने को तैयार हैं।

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