करवा-चौथ
करवा-चौथ

जे टी न्यूज
पिया के संग करवा-चौथ का त्यौहार मनाऊँ।
प्रीतम के प्रीत से सुरभित मेंहँदी हथेली पर रचाऊँ,
चंद्र के प्रेमिल रश्मियों से मन का द्वार-द्वार सजाऊँ।
पिया के लिये तनमन का सोलह श्रृंगार करूँ,
पिया संग सोलह कलाओं से पूर्ण चाँद का दीदार करूँ।
प्रेम-विश्वास,समर्पण का दीप जलाऊँ,
स्नेह सिंचित भावों से साँसों की बाती बनाकर
रोली-चंदन से अर्चना की थाल सजाऊँ।
पिया के संग पिया की लंबी उम्र के लिए,
तप,शक्ति,श्रद्धा का त्योहार करवा-चौथ मनाऊँ।
कंगन चूड़ी, महावर, पायल, बिछिया पहनकर,
सुर्ख लाल बिन्दी, लाल चटक सिन्दूर लगाकर,
नैन में कजरा बालों में गजरा और प्यार की चूनर ओढ़कर,
पिया संग धवल शीतल चंद्र का करती हूँ इन्तज़ार,
शिव पार्वती का पूजन करूँ,सदा सुहागन का वर पाऊँ
आशीष दो माँ हर वर्ष पिया संग करवा-चौथ मनाऊँ।
स्वरचित काव्य
अनुपमा सिंह ‘सोनी’, पटना



