तीन साल पहले बिहार में एक दिन में बांटे गए थे 1.20 लाख नियुक्ति पत्र: तेजस्वी यादव 10 लाख सरकारी नौकरी के वादे को बताया अपना संकल्प
नीतीश कुमार पर महागठबंधन सरकार गिराने और रोजगार की रफ्तार रोकने का लगाया आरोप
तीन साल पहले बिहार में एक दिन में बांटे गए थे 1.20 लाख नियुक्ति पत्र: तेजस्वी यादव
10 लाख सरकारी नौकरी के वादे को बताया अपना संकल्प
नीतीश कुमार पर महागठबंधन सरकार गिराने और रोजगार की रफ्तार रोकने का लगाया आरोप
जे टी न्यूज,

पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 2 नवंबर 2023 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह की तीसरी वर्षगांठ पर महागठबंधन सरकार के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों को याद करते हुए वर्तमान सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि उस दिन एक साथ 1 लाख 20 हजार 336 अभ्यर्थियों को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। तेजस्वी ने इसे देश के इतिहास में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर सरकारी नियुक्ति पत्र वितरण का ऐतिहासिक आयोजन बताया।
अपने वक्तव्य में तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर राजद की सरकार बनने पर 10 लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे असंभव बताते हुए सवाल उठाए थे कि इतनी नौकरियों के लिए वेतन का पैसा कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि उस समय कई समाचार चैनलों पर भी 10 लाख नौकरी देने के वादे को असंभव बताया जाता था।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2022 में राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और महागठबंधन की सरकार बनी, जिसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी देने के संकल्प को पूरा करने की शर्त पर राजद ने सरकार को समर्थन दिया था। इसके बाद कुछ ही महीनों में शिक्षक भर्ती के लिए TRE-1 और TRE-2 की अधिसूचना जारी की गई। उनके अनुसार, परीक्षाएं बिना पेपर लीक के संपन्न हुईं और समय पर परिणाम जारी किए गए। बीपीएससी के माध्यम से तीन लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में 2 नवंबर 2023 को गांधी मैदान में 1 लाख 20 हजार 336 नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। तेजस्वी ने दावा किया कि इस उपलब्धि का पूरा श्रेय उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया था, जबकि 10 लाख नौकरी का वादा पूरा करने की दिशा में यह केवल पहला कदम था।
स्वास्थ्य विभाग में 1.30 लाख से अधिक बहाली की तैयारी का दावा
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि 10 लाख नौकरी देने की योजना के तहत कई अन्य विभागों में भी नियुक्तियों का खाका तैयार किया गया था। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग के पब्लिक हेल्थ कैडर का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इसमें 1 लाख 30 हजार से अधिक पदों पर बहाली की योजना तैयार थी, लेकिन नीतीश कुमार ने संबंधित फाइल रोक दी।

तेजस्वी यादव ने जनवरी 2024 में महागठबंधन सरकार के गिरने के लिए भी नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद युवाओं के रोजगार और नियुक्तियों की प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि नौकरी की मांग करने वाले युवाओं को लाठियां झेलनी पड़ीं, ठंड में पानी की बौछारों का सामना करना पड़ा और पुलिस कार्रवाई में कई युवा घायल हुए।
अपने वक्तव्य के अंत में तेजस्वी यादव ने युवाओं के रोजगार को लेकर महागठबंधन सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए वर्तमान एनडीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 10 लाख सरकारी नौकरी देने का संकल्प केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा उनका लक्ष्य था।



