युवा वर्ग में बढ़ते नशे के चलन पर बच्ची मंडल ने जताई चिंता

युवा वर्ग में बढ़ते नशे के चलन पर बच्ची मंडल ने जताई चिंता

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ राजद नेता रामनारायण मंडल उर्फ बच्ची मंडल ने युवा वर्ग में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में युवा मादक पदार्थों और विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन की चपेट में आ रहे हैं। इसके कारण उनका स्वास्थ्य प्रभावित होने के साथ-साथ उनका भविष्य भी अंधकारमय हो रहा है।

बच्ची मंडल ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाएं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर बेहतर जीवन जीने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि युवा समाज की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्हें नशे से दूर रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों द्वारा नशीले पदार्थों और अवैध शराब के कारोबार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है, जिससे समाज में अराजकता की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर जुआ और अवैध शराब का कारोबार चलने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। सरकारी संस्थानों तथा मंदिर-मस्जिद के आसपास कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री से भी सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।

राजद नेता ने कहा कि नशे के आदी लोगों की गतिविधियों के कारण स्कूल और कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राएं तथा उनके अभिभावक स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक स्तर पर इन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने में भी कई लोग असहज महसूस करते हैं।

बिहार में शराबबंदी का उल्लेख करते हुए बच्ची मंडल ने कहा कि सरकार की ओर से मद्य निषेध एवं नशामुक्ति को लेकर विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद शराब, ड्रग्स, अफीम, चरस तथा अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाले कुछ युवा अपराध की ओर भी बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार नशे की लत के कारण कई युवा लूटपाट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सरकार के सुशासन के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर अपराध और नशे के कारोबार से जुड़ी समस्याओं पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।

बच्ची मंडल ने यह भी आरोप लगाया कि नशामुक्ति अभियान के दौरान कार्रवाई का असर समाज के कमजोर वर्गों पर अधिक पड़ता है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मामले में अलग स्थिति देखने को मिलती है। उन्होंने प्रशासन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है। उनके अनुसार सरकार को केवल कार्रवाई और जागरूकता अभियान तक सीमित रहने के बजाय नशे की समस्या के सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए।

राजद नेता ने नशामुक्ति केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नशे के आदी लोगों के उपचार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और परामर्श के माध्यम से सामान्य जीवन की ओर लौटाने के लिए सरकारी तंत्र को प्रभावी पहल करनी चाहिए।

 

बच्ची मंडल ने कहा कि नशामुक्ति केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज और आम लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रशासन ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई करे तथा आम नागरिक भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, तो इस सामाजिक बुराई पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन की प्रभावी पहल के साथ सामाजिक सहयोग मिलने पर बिहार में नशामुक्ति अभियान को नई मजबूती मिल सकती है।

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