नहीं रहे प्रतिष्ठित और सशक्त साहित्यकार डाॅ रामपुनीत ठाकुर साहित्यिक जगत को जो क्षति

नहीं रहे प्रतिष्ठित और सशक्त साहित्यकार डाॅ रामपुनीत ठाकुर साहित्यिक जगत को जो क्षति


जे टी न्यूज़, समस्तीपुर : डाॅ रामपुनीत ठाकुर तरुण हिन्दी और मैथिली के प्रतिष्ठित और सशक्त साहित्यकार थे। उनके निधन से समस्तीपुर के साहित्यिक जगत को जो क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई निकट भविष्य में असंभव है। उक्त उद्गार बुधवार की देर शाम स्थानीय तिरहुत एकेडमी के सभागार में समस्तीपुर के शिखर साहित्यकार डा रामपुनीत ठाकुर तरुण के निधन पर आयोजित शोकसभा में शहर के उपस्थित साहत्यकारों व शिक्षाविदों ने व्यक्त किये। शोकसभा की अध्यक्षता तिरहुत एकेडमी के प्रधानाचार्य अशोक कुमार साह ने की जबकि संचालन कवि आचार्य परमानंद प्रभाकर ने किया। सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम डा तरुण की तस्वीर पर पुष्पार्पित कर उन्हें नमन किया और अन्त में दो मिनट मौन रहकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मौके पर हरिनंदन साह, हरिनारायण सिंह हरि, नरेन्द्र कुमार सिंह त्यागी, डा अशोक कुमार सिन्हा,आचार्य परमानंद प्रभाकर, रामाश्रय प्र सिन्हा,राजकुमार चौधरी, प्रो जितेंद्र कुमार सिंह,डा रामसूरत दास, विपिन कुमार, विनोद कुमार, कृष्ण बिहारी लाल, देवनारायण अंशुमाली, अमरेंद्र कर्ण,नीतीश कुमार आदि थे।

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