झारखंड राज्य किसान सभा ने सांसद कालीचरण मुंडा को सौंपा ज्ञापन एम् एस पी की कानूनी गारंटी सहित किसान मुद्दों को संसद में उठाने की रखी मांग
अन्नदाता किसानों के लिए एम् एस पी की कानूनी गारंटी सहित किसान मुद्दों को संसद में उठाऐं सांसद -सुफल महतो
झारखंड राज्य किसान सभा ने सांसद कालीचरण मुंडा को सौंपा ज्ञापन
एम् एस पी की कानूनी गारंटी सहित किसान मुद्दों को संसद में उठाने की रखी मांग
अन्नदाता किसानों के लिए एम् एस पी की कानूनी गारंटी सहित किसान मुद्दों को संसद में उठाऐं सांसद -सुफल महतो

जे टी न्यूज, झारखंड: संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आव्हान के तहत झारखंड राज्य किसान सभा द्वारा खूंटी लोकसभा सदस्य कालीचरण मुंडा को वन आई,बी,तमाड़ में किसानों के फसलों के लिए 2+ 50 प्रतिशत के दर पर एम् एस पी की कानूनी गारंटी, किसान विरोधी भारत अमेरिका व्यापार समझौता( FTA) रद्द करने, खनिज विधेयक रद्द करने,कर्ज माफी, बढ़ती किसान आत्महत्याएं, आत्महत्या में मृतक किसानों के आश्रितों को 25 लाख रुपए मुआवजा देने,बीज और बिजली विधेयक ,4 लेबर कोड रद्द करने, मनरेगा की वापसी,200 दिन काम 700 रू मज़दूरी, खाद्य सुरक्षा विधेयक वापस लेने, जबरन जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाने, जमीन अधिग्रहण कानून 2013, आदिवासी – गैस आदिवासी वनवासियों के लिए FRA2006 तथा स्वशासन और आदिवासी स्वशासन संबंधी पेशा 1996 के आधार पर भूमि अधिकारों की रक्षा,खाद, पेट्रोल – डीज़ल की कमी और कालाबाजारी समाप्त कर सब्सिडी बहाल कर किसानो को नियमित करने,फसल बीमा/ पशुबीमा योजना बनाने,10 हज़ार रुपए मासिक पैंशन देने सहकारी समिति को कारपोरेट कब्जे से बचाने,सभी खेतों तक सिंचाई सुविधाएं देने, हाथियों के आतंक से किसानों को निजात दिलाने, पेपर लिक सहित किसान मुद्दों को भारतीय संसद में अन्नदाता किसानों के पक्ष में उठाने संबंधी ज्ञापन सौंपा गया। सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं, अन्नदाता किसानों के मुद्दों को संसद में जोरदार ढंग से उठाने का आश्वासन दिया।

मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा 17 से 25 अगस्त तक देश भर में सांसद/ विधायक को ज्ञापन सौंप कर अन्नदाता किसानों को देश के कृषि संकट से बचाने के लिए गुहार लगाया जाएगा ।
तत्पश्चात मांगे पूरी नहीं होने से 26 नवंबर से देशभर में बड़े किसान आन्दोलन का आगाज़ होगा,देश के हर लोगों के लिए भात – रोटी,दाल – सब्जी, मांस – मछली,फल- दूध पैदा करने वाले अन्नदाता किसान की आत्महत्याएं देश के लिए चिंता का विषय है,10 अगस्त के एतिहासिक देशव्यापी जेलभरो आन्दोलन जिसमें लाखों किसानो की गिरफ्तारी ने अन्नदाता किसानों के जन असंतोष को उजागर करता है, मोदी सरकार इससे सबक ले। 13 माह चली किसान आन्दोलन 750 किसानों की शहादत के पश्चात तीनों कृषि कानून रद्द करते हुए 10 दिसम्बर 2021 को मोदी सरकार एवं किसान आन्दोलन के साथ लिखित समझौता लागू नहीं होना मोदी सरकार के घोर किसान विरोधी चरित्र को उजागर करता है, सर्वाधिक महंगाई,बेरोजगरी,नीजिकरण, पेपर लीक का दंस पूरा देश झेल रहा है।इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान कौंसिल सदस्य मंगल सिंह मुंडा,लोघरो मुंडा, जिला किसान कोंसिल सदस्य विशेश्वर अहिर, किसान नेता शिशवेश्वर महतो,घासी राम स्वासी, भोंदू सिंह मुंडा,घासीराम मुंडा, सिंहदेव सिंह मुंडा,सुनदरशाय महतो, जयपाल सिंह मुंडा, विशेश्वर महतो, दुर्गाचरण महतो,घासीराम मुंडा, अन्य किसान उपस्थित थे।

