लोकतंत्र बचाने के लिए बिहार में महागठबंधन का आंदोलन 7 को प्रखंडों में आक्रोश मार्च और 8 को जिला मुख्यालयों पर धरना
तेजस्वी यादव बोले—लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
लोकतंत्र बचाने के लिए बिहार में महागठबंधन का आंदोलन
7 को प्रखंडों में आक्रोश मार्च और 8 को जिला मुख्यालयों पर धरना
तेजस्वी यादव बोले—लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल 
जे टी न्यूज, पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के खिलाफ महागठबंधन बिहार में चरणबद्ध आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा, “जब लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब है।”
पटना स्थित अपने आवास पर महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए 7 अक्टूबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। इसी दिन पटना में उनके नेतृत्व में राजभवन मार्च भी निकाला जाएगा।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं और जीवित लोगों के नाम भी मृतकों की सूची में शामिल किए गए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन लगातार इन मुद्दों को उठाता रहा है, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।l

उन्होंने चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रभावित हुई है। उन्होंने चुनाव संबंधी अभिलेखों को सुरक्षित रखने की अवधि में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए।
नेता प्रतिपक्ष ने बिहार में महिलाओं के खातों में राशि हस्तांतरण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और इसे चुनाव आचार संहिता से जोड़ते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि महागठबंधन लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार से ही एसआईआर की शुरुआत हुई और बिहार लोकतांत्रिक आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमि रहा है। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र को बचाना आवश्यक है और जनता के वोट की चोरी के आरोपों को उजागर करना जरूरी है।”

उन्होंने बताया कि दिल्ली में भी महागठबंधन के सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के समक्ष लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालेंगे। वहीं, राष्ट्रपति से मिलने का समय मिलने के बाद महागठबंधन के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपेंगे।
पटना में 8 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च के दौरान महागठबंधन के विधायक, विधान पार्षद और विभिन्न दलों के नेता शहीद स्मारक स्थल से राजभवन तक मार्च करेंगे। इसके अलावा देशभर में लोकतंत्र बचाने के मुद्दे पर कार्यक्रम आयोजित करने तथा पटना में भी बड़ी रैली करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक एवं संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस, राजद, वीआईपी, भाकपा, भाकपा-माले, माकपा सहित महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता उपस्थित रहे। तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए चुनाव आयोग और भाजपा से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।



