पटवारा उत्तरी पंचायत प्रखण्ड राजनगर स्तरीय जेंडर फोरम की मासिक बैठक आयोजित
बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा की रोकथाम, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, बालिका शिक्षा, जेंडर समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर हुई विस्तृत चर्चा
पटवारा उत्तरी पंचायत प्रखण्ड राजनगर स्तरीय जेंडर फोरम की मासिक बैठक आयोजित
बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा की रोकथाम, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, बालिका शिक्षा, जेंडर समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर हुई विस्तृत चर्चा

जे टी न्यूज,मधुबनी
मधुबनी जिले में पंचायत स्तर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, अधिकारों एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत स्तरीय जेंडर फोरम की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विवाह, घरेलू हिंसा, बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा, लैंगिक भेदभाव, सरकार द्वारा चलाया गया कल्याणकरी विभिन्न योजनाओं एवं जेंडर समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसका मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान हेतु सामुदायिक सहभागिता एवं विभागीय समन्वय को मजबूत करना था।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, जीविका, ICDS की महिला पर्यवेक्षिका, आंगनवाड़ी सेविकाओं तथा संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ *वन स्टॉप सेंटर (OSC) मधुबनी, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW), मधुबनी एवं C3की टीम ने सहभागिता की।
पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण : जिला लैंगिक विशेषज्ञ
बैठक को संबोधित करते हुए शिवराम मेहरा, जिला लैंगिक विशेषज्ञ, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW), मधुबनी ने कहा कि पंचायत स्तरीय जेंडर फोरम महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित समस्याओं की पहचान करने तथा उनके समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि समुदाय के सबसे निकट होते हैं और महिलाओं एवं बालिकाओं की समस्याओं को समझने, उन्हें उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तथा जरूरतमंद महिलाओं को उचित सहायता सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से बाल विवाह, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव तथा महिलाओं एवं किशोरियों के विरुद्ध होने वाली हिंसा की रोकथाम के लिए पंचायत स्तर पर निरंतर जागरूकता अभियान चलाने एवं सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
वन स्टॉप सेंटर द्वारा महिला सुरक्षा एवं सहायता सेवाओं की जानकारी
इस अवसर पर वीणा चौधरी, केश वर्कर, वन स्टॉप सेंटर (OSC), मधुबनी, ने महिलाओं के विरुद्ध हिंसा एवं जेंडर आधारित हिंसा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम, घरेलू हिंसा, बालिका शिक्षा, महिला अधिकार, महिला सुरक्षा एवं लैंगिक भेदभाव जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए तथा पीड़ितों को समय पर उचित सहायता एवं संबंधित सेवाओं से जोड़ना आवश्यक है।
महिला एवं बाल सुरक्षा हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
बैठक के दौरान महिलाओं, बालिकाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर इन नंबरों के माध्यम से संबंधित सहायता प्राप्त की जा सकती है.

पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे इन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं, ताकि जरूरतमंद महिलाएं, बालिकाएं एवं बच्चे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा की रोकथाम पर विशेष जोर
बैठक में पूनम कुमारी, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ, ने बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा की रोकथाम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने समुदाय में जागरूकता बढ़ाने तथा महिलाओं को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी देने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों से अपील की गई कि बाल विवाह की संभावित घटनाओं की जानकारी मिलने पर समय रहते संबंधित विभाग एवं सक्षम पदाधिकारियों को सूचित करें। साथ ही, घरेलू हिंसा एवं महिलाओं के विरुद्ध अन्य प्रकार की हिंसा की पहचान कर पीड़ितों को उचित सहायता सेवाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर बल
बैठक में बालिका शिक्षा को महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रत्येक बालिका को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पंचायत स्तर पर बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की गई।
इसके अतिरिक्त महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों एवं सहायता सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं से जोड़ने पर भी चर्चा की गई।
साझा शक्ति परियोजना एवं दीदी अधिकार केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका
इस अवसर पर सुमन कुमारी, प्रखंड परियोजना समन्वयक, C3 ने बताया कि साझा शक्ति परियोजना एवं जीविका के दीदी अधिकार केंद्र के माध्यम से पंचायत स्तर पर मुखिया की अध्यक्षता में पंचायत स्तरीय जेंडर फोरम की बैठक आयोजित की जाती है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न वार्डों में महिलाओं द्वारा किए गए सुरक्षा अंकेक्षण के आधार पर उनकी समस्याओं एवं सुरक्षा संबंधी चुनौतियों की पहचान की जाती है। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों, संबंधित विभागों एवं सामुदायिक संस्थाओं के समन्वय से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है।
सामुदायिक सहभागिता से मजबूत होगा जेंडर समानता का प्रयास
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जेंडर समानता केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पंचायत प्रतिनिधियों, सामुदायिक संगठनों एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सकती है।
बैठक के अंत में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं, किशोरों एवं किशोरियों से बाल विवाह, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव एवं महिला हिंसा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों एवं सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में C3 के प्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं, किशोरों एवं किशोरियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया।




