इंडिया हैबिटेट सेंटर में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती पर पंचायती राज व्यवस्था पर विमर्श

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सहित कई दिग्गज हस्तियों ने की शिरकत

इंडिया हैबिटेट सेंटर में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती पर पंचायती राज व्यवस्था पर विमर्श

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सहित कई दिग्गज हस्तियों ने की शिरकत

लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण और ग्रामीण विकास में लोकनायक के योगदान पर हुई चर्चा

जे टी न्यूज,
नई दिल्ली: इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर सभागार में भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती के अवसर पर विशेष समारोह आयोजित किया गया। एसोसिएशन ऑफ वॉलंटरी एजेंसीज फॉर रूरल डेवलपमेंट (अवार्ड) और प्रयास संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, विद्वानों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समारोह में पंचायती राज व्यवस्था, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और ग्रामीण विकास में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई।

अवार्ड संस्था की स्थापना लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पद्मभूषण कमलादेवी चट्टोपाध्याय ने की थी, जबकि प्रयास संस्था की स्थापना पूर्व पुलिस महानिदेशक आमोद कुमार कंठ ने की। दोनों संस्थाओं के संयुक्त आयोजन में लोकनायक के विचारों और उनके सामाजिक-राजनीतिक योगदान को याद किया गया।

कई प्रमुख हस्तियों ने की सहभागिता

समारोह के मंच पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मभूषण रामबहादुर राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय पासवान उपस्थित रहे। प्रयास संस्था के संस्थापक आमोद कुमार कंठ तथा अवार्ड संस्था के महासचिव एवं पूर्व विधायक दुर्गा प्रसाद सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

वक्ताओं ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों, सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों और लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने की उनकी अवधारणा पर अपने विचार रखे। चर्चा में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका, ग्रामीण समुदायों की भागीदारी और स्थानीय स्वशासन को प्रभावी बनाने की जरूरत पर विशेष जोर दिया गया।

पंचायती राज व्यवस्था और ग्रामीण विकास पर गहन चर्चा

कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व विशेष सचिव सवितुर प्रसाद, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी डॉ. बाल्मीकि प्रसाद, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी प्रशांत आनंद, प्रोफेसर अजीत कुमार झा, बसंत कुमार सिंह, अखिल भारतीय पंचायत परिषद के बाल्मीकि प्रसाद सिंह, निर्मल वैद, अरुण कुमार शर्मा, दिलीप शर्मा प्रशांत, रागिनी यादव, सोनल और नीति आयोग एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों ने अपने विचार साझा किए।

वक्ताओं ने ग्रामीण विकास में स्वैच्छिक संगठनों की भूमिका, पंचायतों को सशक्त बनाने, स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया। समारोह में लोकनायक की विरासत को वर्तमान सामाजिक और प्रशासनिक संदर्भों में प्रासंगिक बनाए रखने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।

दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी रहे उपस्थित

प्रयास संस्था की ओर से महासचिव यशवीर सिंह मलिक, कार्यकारी निदेशक इंदू रानी सिंह, पल्लवी प्रत्यक्षा और मुकेश सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं, अवार्ड संस्था की ओर से निदेशक निखिलेश झा, बसंत कुमार सिंह, डॉ. महेश्वर चौरसिया, कार्यालय सचिव प्रीतम कुमारी, सह सचिव सुनील कुमार सिंह, खजानचंद, कमलेश झा और वंदना कुमारी ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में अवार्ड संस्था के महासचिव एवं पूर्व विधायक दुर्गा प्रसाद सिंह ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों, पंचायती राज व्यवस्था और ग्रामीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सार्थक संवाद का अवसर प्रदान किया।

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