स्मृति दिवस पर याद किये गये डा राममनोहर लोहिया
स्मृति दिवस पर याद किये गये डा राममनोहर लोहिया
जे टी न्यूज, दरभंगा
आज पूर्वाह्न 11 बजे दिन में डॉ राम मनोहर लोहिया चौक लहेरियासराय, दरभंगा में सत्तर वीं स्मृति दिवस के अवसर पर डॉ राम मनोहर लोहिया को सामाजिक न्याय एवं डॉ लोहिया के विचारों को स्मरण करने बालों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ लोहिया के स्मारक पर माल्यार्पण किया गया।
पुर्व मंत्री ललित कुमार यादव, उमेश राय,उदय शंकर चौधरी, सुभाष पासवान, रामबृक्ष यादव,डॉ प्रो राम बाबू चौपाल, डॉ प्रो कुन्दन महतो,मो मोरशिद हसन, गंगा राम गोप,कृष्ण कुमार यादव,राधा देवी आदि लोगों ने डॉ राम मनोहर लोहिया के मूर्ति पर समारोह पूर्वक माल्यार्पण का आयोजन किया ।
अपराह्न दो बजे दिन में दरभंगा थियोसोफिकल लॉज के एम टेंक, लहेरियासराय, दरभंगा में एक विचार गोष्ठी का आयोजन उमेश राय के अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
श्री राय ने कहा कि डॉ लोहिया समाजवाद के पूरोधा थे। उन्होंने समाज के वर्षों से बंचित जमात के उत्थान के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष करते हुए इस दुनिया को आज के दिन अलविदा कह कर अन्तिम सांस लिए। जन्म से लेकर अन्तिम क्षण तक भारत की स्वतंत्रता, लोकतंत्र ,समानता, और गैर बराबरी को खत्म करने की आखिरी समय तक कोशिश करते रहे।विचार गोष्ठी में ” वर्तमान समय में डॉ राम मनोहर लोहिया के विचारों की प्रासंगिकता” विषय पर डॉ राम बाबू चौपाल ने डॉ लोहिया ने सामाजिक दर्शन कर बिसतार से प्रकाश डाला। डॉ प्रो कुन्दन महतो ने विश्व परिवार की परिकल्पना का उल्लेख किया । रामबृक्ष यादव ने कहा कि समता मूलक समाज के बिना बंचित समाज का सर्वांगीण विकास सम्भव नहीं है।सुभाष पासवान ने समाज में असमानता, गरीबी से निजात के लिए पिछड़ा पाबे सौ में साठ के नारा से समाज के बंचित वर्ग में जान फूंकने का काम किया। शनिचर पासवान ने जीवन दर्शन का जीक्र किया।संजीव कुमार चौधरी अनिल बिहारी आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ राम मनोहर लोहिया के सत्तर वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सादर नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते विचार गोष्ठी का समापन हुआ।



