किसानों और मजदूरों की कई मांगे सीएम ने मानी किसान सभा का महाराष्ट्र वाहन मार्च स्थगित
किसानों और मजदूरों की कई मांगे सीएम ने मानी
किसान सभा का महाराष्ट्र वाहन मार्च स्थगित
अनुवादक–प्रभुराज नारायण राव
जे टी न्यूज
अखिल भारतीय किसान सभा अखिल भारतीय किसान सभा महाराष्ट्र राज्य का वाहन लॉन्ग मार्च, जो 26 अक्टूबर 2026 को अकोले से मुंबई तक किसानों, आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं और मेहनतकश लोगों की मांगों को लेकर शुरू हुआ था, उसे 27 अक्टूबर की देर रात शाहापुर, जिला ठाणे में स्थगित कर दिया गया। राज्य सरकार के साथ दो घंटे से अधिक चली बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया।
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत मुंबई के सह्याद्री राजकीय अतिथि गृह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार और चार अन्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, राधाकृष्ण विखे पाटिल, गिरीश महाजन और दत्तात्रय भरणे उपस्थित थे। संबंधित विभागों के सचिव और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
ए आई के एस प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अशोक ढवले, जे पी गावित (पूर्व विधायक), विनोद निकोले (विधायक), डॉ. अजीत नवले, यशवंत जादे, उमेश देशमुख, राधा कलांगड़ा, उद्धव पौल, सदाशिव साबले, किरण गहाला, चंदू धांगड़ा, डॉ. अमोल वाघमारे, एडवोकेट अजय बुरांडे, अर्जुन आदे, शंकर सिडाम, नामदेव भांगरे, शमसिंह पाडवी, इरफान शेख, इंद्रजीत गावित, प्राची हाटीवलेकर, लहानी दौदा, नंदू दहाले, रविता पाडवी, अशोक पांडे, संगीता साल्वे, हेमलता शेलके, सचिन ताजने, संतोष मुंडे और एकनाथ मेंगल शामिल थे।
कई मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई और सरकार ने उनमें से कई पर ठोस आश्वासन दिया। स्वीकृत मांगों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए 4 नवंबर को मंत्रियों के साथ एक और बैठक होगी।
*किसानों की मांगों पर आश्वासन*
– सरकार ने पक्का आश्वासन दिया कि सूखा प्रभावित किसानों को एन डी आर एफ के मानदंडों से अधिक सहायता मिलेगी।
– नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना की दो लंबित किस्तें जल्द जारी करने का आश्वासन दिया।
– नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार प्रोत्साहन अनुदान बढ़ाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज माफी उपसमिति से चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
– फसल बीमा योजना के तहत रद्द किए गए ट्रिगर्स को अगले साल से फिर से लागू करने पर भी सकारात्मक रुख।
*जमीन के अधिकार और आदिवासी मुद्दे*
– जंगल की जमीन, गाय का (चारागाह), मंदिर ट्रस्ट की जमीन और घर की जमीन जोतने वालों के नाम पर करने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन मुद्दों के समाधान के लिए जरूरी कानूनी उपाय और सरकारी प्रस्ताव जारी करने पर सहमति बनी।
– बाल हिरड़ा की सरकारी खरीद की जांच के लिए किसान सभा के प्रतिनिधियों सहित एक अध्ययन समूह बनाने का आश्वासन।
– भंडारदरा बांध से आदिवासी समुदायों को पानी देने और इको-सेंसिटिव जोन को रद्द करने की मांगों पर भी चर्चा हुई।
*महिलाओं, मजदूरों और अन्य मेहनतकश लोगों से जुड़े मुद्दे*
– सरकार ने आश्वासन दिया कि लाडली बहना योजना के तहत अधूरी के वाई सी के कारण लाभ से वंचित 92 लाख महिलाओं को फिर से लाभ देने और के वाई सी प्रक्रिया खुली रखने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जिन महिलाओं की के वाई सी पूरी हो गई है लेकिन फिर भी लाभ नहीं मिल रहा है, उनका भुगतान तुरंत फिर से शुरू किया जाएगा।
*सरकार ने ये आश्वासन भी दिए:*
– स्कूल मिड-डे मील कर्मियों की स्वीकृत 1,000 रुपए मासिक मानदेय वृद्धि लागू की जाएगी और उनके मानदेय को और बढ़ाने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
– निर्माण श्रमिकों के लिए मेडिक्लेम योजना फिर से शुरू की जाएगी।
– कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
– मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि पेशा मोबिलाइजर कर्मचारियों का वेतन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से न भेजकर सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाए। उनके लंबित मानदेय को तत्काल जारी करने का भी निर्णय लिया गया।
– पार्ट-टाइम एटेंडेंट, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और ग्राम रोजगार सेवकों की मांगों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
– सरकार ने आगे आश्वासन दिया कि वह निराश्रित व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांग व्यक्तियों को दी जाने वाली पेंशन बढ़ाने और उन्हें लाडली बहना योजना की तर्ज पर वित्तीय लाभ देने पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

*संघर्ष जारी रहेगा*
ए आई के एस ने जोर दिया था कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक हो। इस मांग के पूरा होने और कई मुद्दों पर ठोस आश्वासन मिलने के बाद, देर रात ए आई के एस वाहन लॉन्ग मार्च को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
ए आई के एस सरकार के आश्वासनों के वास्तविक कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने तथा अन्य मांगों के लिए आंदोलन जारी रखेगी।

