धान क्रय केंद्र खोलने और भ्रष्टाचार पर रोक की मांग को लेकर किसान सभा ने घेरा सिसई प्रखंड कार्यालय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा 26-27 नवंबर को राजभवन और गुमला जिला मुख्यालय में किसान महापड़ाव का आह्वान

धान क्रय केंद्र खोलने और भ्रष्टाचार पर रोक की मांग को लेकर किसान सभा ने घेरा सिसई प्रखंड कार्यालय
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा
26-27 नवंबर को राजभवन और गुमला जिला मुख्यालय में किसान महापड़ाव का आह्वान

जे टी न्यूज,
सिसई (गुमला): झारखंड राज्य किसान सभा की गुमला जिला इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को प्रखंड में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, प्रत्येक पंचायत में धान क्रय केंद्र खोलने, हाथियों के आतंक से किसानों को निजात दिलाने और जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में गड़बड़ियों सहित किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सिसई प्रखंड कार्यालय का घेराव किया गया। प्रदर्शन के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम 12 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। किसान सभा ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रखंड में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, प्रत्येक पंचायत में धान क्रय केंद्र खोलने, किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और हाथियों के आतंक से राहत दिलाने की मांग को लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए और सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचना चाहिए।

हर पंचायत में धान क्रय केंद्र खोलने की मांग

सभा को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा कि किसान देश के लोगों के लिए अनाज, सब्जियां, दूध, फल और अन्य खाद्य पदार्थों का उत्पादन करते हैं। किसानों के वोट से सांसद और विधायक चुने जाते हैं, लेकिन सरकार बनने के बाद किसान विरोधी नीतियों के कारण अन्नदाताओं को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ वास्तविक किसानों के बजाय बिचौलियों को मिल रहा है। उनके अनुसार, कई किसान 800 से 950 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान परिवारों की आजीविका के लिए गंभीर समस्या है।

सुफल महतो ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रत्येक पंचायत में धान क्रय केंद्र खोलने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़े और बिचौलियों पर उनकी निर्भरता कम हो। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए तथा किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का लाभ मिलना चाहिए।

15 नवंबर तक धान क्रय केंद्र खोलने की मांग

झारखंड राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव मदुवा कच्छप ने कहा कि किसानों से धान की खरीद घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिला, तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के हकदार हैं। किसान सभा ने मांग की कि 15 नवंबर तक धान क्रय केंद्र खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए और महाजनों के खिलाफ शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।

मदुवा कच्छप ने घोषणा की कि किसानों की मांगों को लेकर 26 और 27 नवंबर को राजभवन तथा गुमला जिला मुख्यालय में किसान महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। उन्होंने किसानों से आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होने की अपील की।

जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड और हाथियों के आतंक का मुद्दा भी उठा

प्रदर्शन में जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों को दूर करने, प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और हाथियों के आतंक से प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसान सभा के नेताओं ने कहा कि ग्रामीणों को भूमि संबंधी रिकॉर्ड में त्रुटियों के कारण परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए। वहीं, हाथियों द्वारा फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन को किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर काम करना चाहिए तथा उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

प्रदर्शन के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रखंड कार्यालय के घेराव के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी विरोध जताया गया।

कई किसान नेताओं ने किया संबोधित

प्रखंड कार्यालय के समक्ष आयोजित प्रदर्शन की अध्यक्षता चंद्रमोहन उरांव ने की। कार्यक्रम को झारखंड राज्य किसान काउंसिल के सदस्य शंकर उरांव, आयता उरांव और मिला कुजुर सहित जिला काउंसिल सदस्य अनिल उरांव, तुरिया उरांव, राजकमल उरांव, अनिता देवी, अवतार किड़ो, रजनी उरांव, लखिया उरांव, राजेंद्र उरांव, रवि उरांव, चंद्रमोहन उरांव, पूनम देवी और रजनी देवी सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

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