बच्चों को सिखाया ई-कचरे का सही प्रबंधन, चार रंग के डस्टबिन से समझाया कचरा पृथक्करण

बच्चों को सिखाया ई-कचरे का सही प्रबंधन, चार रंग के डस्टबिन से समझाया कचरा पृथक्करण

जे टी न्यूज, राघोपुर (सुपौल)। बच्चों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करने के उद्देश्य से प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी में 29 अक्टूबर को ई-कचरा प्रबंधन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट शिक्षिका मनु कुमारी ने रोचक संवाद और उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को कचरे के प्रकार, उनके पृथक्करण और सुरक्षित निस्तारण की जानकारी दी।
शिक्षिका ने श्यामपट पर चार रंगों के डस्टबिन बनाकर उनके उपयोग समझाए। उन्होंने बताया कि गीला कचरा हरे, सूखा कचरा नीले, खतरनाक कचरा लाल और ई-कचरा काले डस्टबिन में रखा जाना चाहिए।
बच्चों से सवाल-जवाब के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रीति कुमारी, समीना, शिवम चौधरी और ज्योति ने गीले एवं सूखे कचरे के उदाहरण देकर अपनी समझ प्रदर्शित की। वहीं, शिक्षिका ने मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, बैटरी, बिजली के उपकरण और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को ई-कचरे की श्रेणी में रखते हुए बताया कि इन्हें खुले में फेंकना या जलाना पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। ऐसे कचरे को अधिकृत संग्रह केंद्र तक पहुंचाना चाहिए।
मनु कुमारी ने बच्चों को ई-कचरा प्रबंधन का 3R सिद्धांत भी समझाया। इसमें Reduce यानी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अनावश्यक उपयोग कम करना, Reuse यानी पुराने उपकरणों की मरम्मत कर दोबारा इस्तेमाल करना और Recycle यानी खराब उपकरणों से उपयोगी सामग्री निकालकर पुनर्चक्रण करना शामिल है।
प्रधानाध्यापक चंद्रकिशोर चौधरी की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी बच्चों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। शिक्षिका ने कहा कि बच्चे स्वयं जागरूक होंगे, तभी अपने परिवार और समाज को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर सकेंगे।

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