पांच महीने से मानदेय की आस में नौ साधनसेवी, दीपावली-छठ पर भी खाली हाथ रहेंगे परिवार!

पांच महीने से मानदेय की आस में नौ साधनसेवी, दीपावली-छठ पर भी खाली हाथ रहेंगे परिवार!

  1. जे टी न्यूज, अररिया :
    सरकारी योजना के संचालन की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मियों के अपने घर में ही आर्थिक संकट गहराने लगा है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण योजना) के तहत अररिया जिले में कार्यरत नौ साधनसेवी पिछले पांच महीने से मानदेय मिलने की राह देख रहे हैं। लगातार काम करने के बावजूद भुगतान नहीं होने से इन कर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व सिर पर हैं, लेकिन मानदेय नहीं मिलने से इनके परिवारों की खुशियों पर भी असर पड़ रहा है।
    जानकारी के अनुसार, अररिया जिले के सभी नौ प्रखंडों में एक-एक साधनसेवी कार्यरत हैं। ये कर्मी पीएम पोषण योजना के संचालन, निगरानी और अनुश्रवण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। योजना के सुचारु क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अहम है, लेकिन विडंबना यह है कि खुद उनके मानदेय का भुगतान पांच महीने से लंबित है।
    *घरेलू बजट बिगड़ा, बच्चों की पढ़ाई भी बनी चिंता*
    पांच महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण साधनसेवियों को घर-परिवार चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, जरूरी सामान की खरीदारी और अन्य दैनिक जरूरतों को पूरा करना चुनौती बन गया है। पर्व-त्योहार के मौके पर परिवार की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं, लेकिन आमदनी के अभाव में उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
    *जिम्मेदारी पूरी, भुगतान के लिए इंतजार*
    साधनसेवियों का काम योजना की निगरानी और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने से जुड़ा है। इसके बावजूद पांच महीने तक मानदेय लंबित रहना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। समय पर भुगतान नहीं होने से कर्मियों के मनोबल पर भी असर पड़ने की आशंका है।
    *शिक्षक संगठन ने जताई नाराजगी*
    प्रारंभिक शिक्षक संगठन समन्वय समिति, अररिया के संयोजक अभिषेक रंजन ने मानदेय भुगतान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पांच महीने तक मानदेय का भुगतान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। योजना से जुड़े कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, ऐसे में समय पर पारिश्रमिक नहीं मिलना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर जल्द ही सक्षम पदाधिकारी से मुलाकात कर समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
    *अब प्रशासन से भुगतान की उम्मीद*
    जिले के सभी नौ साधनसेवियों के लंबित पांच महीने के मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है। पर्व-त्योहार के इस अवसर पर कर्मियों को आर्थिक राहत मिले, इसके लिए संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से त्वरित पहल की अपेक्षा की जा रही है।

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