खोदावंदपुर अंचल में चल रहा गोरखधंधा, फर्जी जमाबंदी होने का मामला हुआ उजागर।





जेटी न्यूज़
अभिषेक सिन्हा
खोदावंदपुर/बेगूसराय। यदि आपकी अपनी जमीन पुस्तैनी है या किसी से केवाला करवाये हैं तो सावधान.इसकी फर्जी जमाबंदी दूसरे के नाम पर हो सकती है.खोदावंदपुर अंचल में यह संभव है. अंचल के राजस्व कर्मचारी व अन्य कर्मियों के द्वारा यह गोरखधंधा बदस्तूर जारी है.ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है.खोदावंदपुर प्रखंड के बरियारपुर पूर्वी गांव निवासी विवेक उर्फ मंतोष कुमार ने अंचल अधिकारी को आवेदन देकर इस तरह के एक मामले का पर्दाफाश किया है.अपने आवेदन में उन्होंने बताया है कि बरियारपुर पूर्वी पंचायत के खाता नंबर- 311, 473, 91, 508, 34, 452, 362, 23, 473, 453 खेसरा- 11057, 11052, 3371, 3302, 5987, 3780, 3196, 3806, 3807, 3781, 3282, 3647, 3471, 5642, 5643, 5397, 2981, 3379, 4182 और 11075 ये तमाम खाता व खेसरा की जमीन बरियारपुर मौजा के राम उदगार महतो पेसर स्व हकरु महतो का है.जिसका जमाबंदी नंबर 1493 है.इस जमाबंदी का सभी खाता व खेसरा से फर्जी जमाबंदी नावकोठी अंचल के मकेश्वर महतो पिता स्व ठक्कन महतो, ग्राम पीरनगर गम्हरिया के नाम से कर दिया गया.इतना ही नहीं इस जमीन की 5946 जमाबंदी संख्या से फर्जी जमाबंदी कर दी गयी.मामला उजागर होते ही जब इसकी जांच पड़ताल करवायी गयी तो पता चला कि इस जमीन को दस्तावेज संख्या 4486 दिनांक 28-11-2020 मकेश्वर महतो पेसर ठक्कन महतो के द्वारा लेखधारी जमना प्रसाद पेसर राम सागर महतो को खाता संख्या 379, खेसरा 113 केवाला कर दिया गया.जबकि यह जमीन बरियारपुर पूर्वी गांव के बाबू प्रसाद वर्मा व प्रवीन्द्र कुमार प्रवीण, सुषमा देवी जौजे राम उदगार महतो के नाम से दिनांक 02-11-1985 इस्वी में केवाला किया गया था. जिसकी जमाबंदी संख्या- 3910 है.जिसका रशीद वित्तीय वर्ष 2019-20 तक अद्यतन है.रजिस्टर टू में राजस्व कर्मचारी द्वारा यह रिपोर्ट किया गया कि यह जमाबंदी जीर्णशीर्ण अवस्था में कायम किया गया है.

जमाबंदी संख्या 277-78, 362, 2072 से आया है, जो पंजी टू में दर्ज है.इसका लगान रशीद 2018-19 तक अद्यतन है.इसकी जानकारी देते हुए राजस्व कर्मचारी कुंदन कुमार ने बताया कि यह जमाबंदी किस वाद संख्या के द्वारा कायम किया गया है.इसका पंजी टू में उल्लेख नहीं है.आवेदक विवेक उर्फ मंतोष कुमार के द्वारा जमाबंदी संख्या 277-78, 362, 2072 की जमाबंदी की सूचना की मांग जब किया गया, तो राजस्व कर्मचारी ने बताया कि उसकी जमाबंदी संख्या 2072 के द्वारा की गयी. रजिस्टर टू में जमीन का खाता खेसरा अंकित नहीं है.पूर्व में यह जमाबंदी सुदामा देवी पति राम विलास महतो के नाम से था.रजिस्टर टू में दर्ज नाम को वाइटनर से मिटाकर इस रकवा को 15 बिगहा 18 कट्ठा 10 धुर कर दिया गया.जमाबंदी रैयत का नाम बदलकर राम उदगार महतो व राम बिहारी महतो के नाम से कर दिया गया.जबकि इस जमाबंदी का रशीद आजतक आवेदक के द्वारा नहीं कटवाया गया और न ही आवेदक को इस फर्जी जमाबंदी की जानकारी थी.इतना ही नहीं जमाबंदी संख्या 277 खुशीलाल महतो पेसर हकरु महतो उसमें भी खाता खेसरा अंकित नहीं है.इसका रकवा 4 कट्ठा 4 धुर है.लगान रशीद 1998-99 तक अद्यतन है.जमाबंदी संख्या 278 खंतर सहनी पिता पलट सहनी के नाम से है.खाता 361 खेसरा 1562 का रिपोर्ट फर्जी है, जो रजिस्टर टू में अंकित नहीं है.जमाबंदी 362 पंजी टू में उपलब्ध नहीं है. आवेदक ने जब अपना पूराना रशीद खोजा तो पता चला कि जमाबंदी संख्या 362 राम उदगार महतो व राम बिहारी महतो के नाम से दर्ज है.यह रिपोर्ट राजस्व कर्मचारी के द्वारा दिनांक 25-01-2021 को दिया गया है.भूस्वामी के द्वारा जिला प्रशासन से अंचल में रखें गयें विभिन्न अभिलेखों की जांच कराये जाने की मांग की है.

कहते हैं अंचलाधिकारी:- यह मामला पूर्व के अंचल अधिकारी के कार्यकाल में हुआ है.भूस्वामी के द्वारा जमाबंदी में गड़बड़ी किये जाने की शिकायत की गयी है.जमाबंदी कार्य में उनके द्वारा बारिकी से नजर रखीं जा रही है. आवश्यक कागजातों की सघन जांच पड़ताल के बाद जमाबंदी का कार्य निपटाने का आदेश अंचल कर्मियों को दिया गया है.अंचल अधिकारी ने बताया कि जमाबंदी में किसी तरह की गड़बड़ी होने की शिकायत अपर समाहर्ता से भी की जा सकती है.
सुबोध कुमार, अंचल अधिकारी, खोदावंदपुर

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