मुक्तापुर मोईन के सौंदर्यीकरण पर विवाद, किसानों ने जताया विरोध
पूर्व विधायक ने मुआवजे के बिना जमीन लेने पर उठाए सवाल, सीओ बोले- सरकारी भूमि से हटेगा अवैध कब्जा
मुक्तापुर मोईन के सौंदर्यीकरण पर विवाद, किसानों ने जताया विरोध
पूर्व विधायक ने मुआवजे के बिना जमीन लेने पर उठाए सवाल, सीओ बोले- सरकारी भूमि से हटेगा अवैध कब्जा
जे टी न्यूज, कल्याणपुर (समस्तीपुर): कल्याणपुर प्रखंड के मुक्तापुर मोईन के सौंदर्यीकरण को लेकर शुक्रवार को विवाद सामने आया। जमीन पर दावा कर रहे किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। किसानों का कहना है कि संबंधित भूमि पर उनके पूर्वजों के समय से अधिकार और कब्जा रहा है। वहीं, अंचल प्रशासन का दावा है कि मोईन के समीप की जमीन बिहार सरकार की है, जिस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर फसल लगा रखी है।
मामले में पूर्व विधायक डॉ. अशोक प्रसाद वर्मा ने गरीब किसानों की जमीन बिना मुआवजा दिए अधिग्रहित किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों के पास वर्ष 1955 के केवाला समेत जमीन से संबंधित दस्तावेज हैं और करीब 20 वर्षों से उनका कब्जा है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए रैयतों के हितों की रक्षा की मांग की।
पूर्व विधायक के अनुसार, कुछ रैयतों ने अंचल कार्यालय में अपने जमीन संबंधी कागजात भी जमा किए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन महिलाओं के नाम पर जमीन है, उनके पतियों के नाम नोटिस क्यों जारी किया गया।
13 लोगों को दिनांक 7/9/26 को जारी किया गया नोटिस
इस संबंध में अंचलाधिकारी शशि रंजन ने बताया कि मुक्तापुर मोईन के समीप करीब 60 बीघा जमीन बिहार सरकार की है। मौजा परतापुर के खेसरा संख्या 187 और 192 के अंतर्गत आने वाली सरकारी भूमि पर 13 लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर फसल लगाए जाने की शिकायत है। अंचल कार्यालय की ओर से संबंधित लोगों को जमीन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस पाने वालों में मुन्ना प्रसाद, सुरेंद्र झा, रोहित प्रसाद, उमेश प्रसाद, राजेश्वर प्रसाद, जवाहर प्रसाद, सुभाष प्रसाद, जयप्रकाश प्रसाद, ओम प्रकाश, परमानंद सिंह, विजय प्रसाद, रंजीत प्रसाद और संजय प्रसाद के नाम शामिल हैं।
सीओ ने कहा कि संबंधित लोगों से जमीन के स्वामित्व से जुड़े कागजात मांगे गए हैं। प्रशासन के अनुसार, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर फसल उगाई जा रही है और संबंधित लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन खाली नहीं करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब जमीन के दस्तावेजों पर टिकी नजर
मुक्तापुर मोईन के सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया के बीच भूमि के स्वामित्व को लेकर किसानों और प्रशासन के दावों में विरोधाभास है। ऐसे में जमीन के दस्तावेजों की जांच और वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही विवाद का समाधान निकलने की उम्मीद है।
