सुधा डेयरी के केमिकल युक्त गंदे पानी पर आयुक्त सख्त – दो उच्च-स्तरीय कमेटी गठित, 15 सितंबर से शुरू होगा समाधान का काम
पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस - जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह
सुधा डेयरी के केमिकल युक्त गंदे पानी पर आयुक्त सख्त – दो उच्च-स्तरीय कमेटी गठित, 15 सितंबर से शुरू होगा समाधान का काम
पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस – जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह

जे टी न्यूज, मुजफ्फरपुर : कांटी प्रखंड के सुधा डेयरी प्लांट से वर्षों से निकल रहे केमिकल युक्त दूषित पानी की चिरकालीन समस्या पर अब तिरहुत प्रमंडल प्रशासन सख्त हो गया है।
प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में इसको लेकर उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांटी के विधायक अजीत कुमार, जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता के साथ-साथ सुधा डेयरी-तिमुल, NHAI, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, PHED, रेलवे सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जनहित के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। आम जनता के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
खेतों में फैल रहा है आर्सेनिक-फॉस्फेट युक्त पानी
आयुक्त ने कहा कि सुधा डेयरी का अपशिष्ट पानी कई सालों से आसपास के इलाकों में बह रहा है, जिससे कृषि और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पानी में आर्सेनिक, क्लोराइड, फॉस्फेट जैसे खतरनाक रसायन हैं। बैठक से पहले आयुक्त ने स्वयं स्थल का निरीक्षण भी किया।
समाधान के लिए दो कमेटी का गठन
समस्या के त्वरित और स्थायी समाधान के लिए आयुक्त ने दो बहु-सदस्यीय कमेटी का गठन किया है –

1. पहली कमेटी – उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में। यह कमेटी सुधा डेयरी से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता और ट्रीटमेंट प्लांट की क्रियाशीलता की जांच करेगी। PHED के कार्यपालक अभियंता पानी का सैंपल लेकर केमिकल की मात्रा की जांच करेंगे।
2. दूसरी कमेटी – अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में। यह कमेटी जल निकासी के लिए उपयुक्त जमीन की उपलब्धता का सर्वे और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
दोनों कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से स्थानीय विधायक से संपर्क कर सुझाव लेंगी और सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सार्थक संवाद और सुदृढ़ समन्वय बनाए रखेंगी।
एक सप्ताह में रिपोर्ट, नवरात्र से काम शुरू
आयुक्त ने दोनों कमेटियों को एक सप्ताह के अंदर तथ्यपरक और सारगर्भित रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिलावासियों को इस पुरानी समस्या से जल्द निजात मिलेगी।
रिपोर्ट के अध्ययन के बाद 15 सितंबर / नवरात्र पूजा से समाधान के लिए आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। एक सप्ताह बाद आयुक्त स्वयं की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
आयुक्त ने सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक को भी सख्त निर्देश दिया है कि जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करें, ट्रीटेड पानी के स्टोरेज के लिए विभागीय आदेश के अनुसार तालाब विकसित करें और पर्यावरण सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।


