दिशा की बैठक में शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्ती, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में हुई बैठक

दिशा की बैठक में शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्ती, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में हुई बैठक

स्कूलों में भवन व शिक्षकों की कमी और स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपलब्धता की हुई समीक्षा

जे टी न्यूज, समस्तीपुर(राम जी): डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा परिसर में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं दिशा के अध्यक्ष नित्यानंद राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले में केंद्र और राज्य सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कई निर्देश दिए गए।

बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अध्यक्ष ने अधिकारियों से योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा।

स्कूलों में भवन और शिक्षकों की स्थिति की समीक्षा

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के विद्यालयों में भवनों की स्थिति पर चर्चा हुई। आवश्यकता वाले स्कूल भवनों की मरम्मत और जीर्णोद्धार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में केवल भवन निर्माण पर ही नहीं, बल्कि विद्यालयों में वास्तविक छात्र संख्या के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार शिक्षक उपलब्ध कराने तथा पठन-पाठन की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने को कहा गया।

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले।

स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और दवाओं की उपलब्धता पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों तथा आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता का मुद्दा उठा। अध्यक्ष ने स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ दवाओं और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आम लोगों को स्वास्थ्य संस्थानों में समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत व्यवस्था प्राथमिकता

समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बैठक में राहत एवं बचाव तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, स्वास्थ्य सुविधा, आश्रय स्थल, पशु चारा और आवागमन जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

संवेदनशील इलाकों में पहले से आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तंत्र को तैयार रखने का निर्देश दिया गया। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और जरूरी सेवाएं समय पर पहुंचाने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने पर भी जोर दिया गया।

जनप्रतिनिधि-प्रशासन समन्वय पर जोर

नित्यानंद राय ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ वर्तमान आपदा की स्थिति में लोगों की सुरक्षा और सुविधा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की बात कही।

बैठक में दिशा की सह-अध्यक्ष एवं समस्तीपुर सांसद शांभवी, विधान पार्षद तरुण कुमार, रोसड़ा विधायक वीरेंद्र कुमार, हसनपुर विधायक राजकुमार राय, वारिसनगर विधायक मांजरिक मृणाल, समस्तीपुर नगर निगम की मेयर अनीता राम, पूसा विश्वविद्यालय के कुलपति, जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह समेत सभी प्रखंड प्रमुख एवं DISHA के सदस्य मौजूद रहे।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने संबंधित विभागों को बैठक में मिले निर्देशों और सुझावों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण करने का निर्देश दिया।

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