नवादा जिला के मोतनाजे मधुबन में किसान महापंचायत से जंगे ऐलान ले मसाले चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के

नवादा जिला के मोतनाजे मधुबन में किसान महापंचायत से जंगे ऐलान ले मसाले चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के


जे टी न्यूज़, नवादा : नवादा के गरीब किसानों एवं मजदूरों ने कहा जिला प्रशासन हमारे धैर्य की परीक्षा न ले,यदि हमारा सब्र टूटा तो सब कुछ खाक हो जाएंगे।
मोतनाजे और मधुबन में गंगा जलाशय और टूरिस्ट प्लेस बनाने के नाम पर सैकड़ों वर्षो से बसे गाँवों और खेतों को उजाड़ने की साजिश के खिलाफ आज विशाल किसान महापंचायत आयोजित हुआ।
भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की डी एम नवादा द्वारा धज्जी उड़ाया जा रहा है। गरीबों का मकान और खेत उजाड़ा जा रहा है। कानून तोड़कर बिना सोशल ऑडिट और 70% किसानों की बिना सहमति एवं जमीन का मुआबजा दिए,जबरन जमीन छीना जा रहा है।काली सूचि के ठेकेदार के खिदमत में गैर कानूनी ढंग से समाहरणालय में बैठकर फर्जी सोशल ऑडिट कर खेतों में लहलहाते धान के फसलों को इस बरसात के मौसम में बुलडोजर से रौंद रही है। फसलों को रौंदना से आक्रोशित किसानों एवं मजदूरों का मोतनाजे मधुबन में आज आयोजित विशाल किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए दुनिया भर में वाटर मैन के नाम से विख्यात मेंग्सेसे पुरस्कार विजेता जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज कि इस किसान महापंचायत ने सर्व सम्मति से मोतनाजे एवं मधुबन के लोगों ने फैसला लिया कि हम जान देंगे,परन्तु अपनी जमीन नहीं देंगे।आजकल हमारी सरकार का चरित्र हो गया है,हम दो हमारे दो।देश में दो है, बेचने वाले मोदी एवं अमित शाह और दो है खरीदने वाले अंबानी और अडानी। अभी भी यह देश लोगों का लोकतंत्र है। इसलिए लोग ही यहाँ फैसला लेंगे। आज का यह महापंचायत सर्वसम्मति से फैसला ले रही है कि किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।यहां महापंचायत में इस इलाके के सभी भाईयों एवं बहनों का सर्वसम्मत फैसला है,ना हमें खनन चाहिए ना पर्यटन चाहिए। हम सब मिलकर एक जूट है और अपने अंतिम सांस तक मिलकर लड़ेंगे।आपका पानी,जवानी और किसानी सब बाहर जा रहा है। हमारी यह महापंचायत फैसला लेती है कि वैसा विकास हमें नहीं चाहिए,जो किसानी और गाँव के लिए विनाशकारी हो।हमारी जवानी,पानी और किसानी को विकसित करने वाली विकास हमें चाहिए।यह महापंचायत राज्य और देश की हुकूमत को बताना चाहती है कि विनाशकारी विकास हमें नहीं चाहिए।जब तक गाँव प्रधान और कृषि प्रधान भारत में गांव और कृषि के विकास की नीति नहीं बनेगी,तब तक देश का विकास नहीं होगा। सबसे अच्छी मिट्टी और सबसे अच्छा पानी बिहार की है। फिर भी सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण यहाँ बिहारी गरीब हैं।पानी का बाजारी कारण और व्यापरीकरण नहीं, उसका समुदायिकरण चाहिए।


बक्सर सांसद किसान नेता सुधाकर सिंह ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि आज बिहार के हजारों गांव की जल,जंगल और जमीन पर मोदी के प्यारे मित्र कार्पोरेटो की गिद्ध दृष्टि पड़ी गई है। बिहार में 10 लाख एकड़ जमीन किसानों से छीन कर गरीब-गुरुबों को बसाने के लिए या हमारे प्रवासी बिहारियों को वापस बिहार बुलाने के लिए उद्योग धंधे के विकास के लिए नहीं बल्कि अपने चार-पांच उद्योगपति मित्रों का पेट भरने के लिए,किसानों से सरकार जमीन जबरन हड़प रही है। अपने जन्मभूमि और अपनी खेती को बचाने के लिए अगर जरूरत होगी तो हम शहादत भी देंगे। जिएंगे यही मरेंगे यही,अपने मातृभूमि के लिए हम मर मिटेंगे,परन्तु अपना जमीन कार्पोरेट को लूटने नही देंगे।जरूरत पड़ने पर हमें योद्धा भी बनना पड़ेगा तो बनेंगे।हम अपने अंतिम सांसो तक लड़ने को तैयार है। कोई हमें यहां से नहीं हटा सकता है। मेगा इंजीनियरिंग जो ब्लैकलिस्टेड कंपनी है।उसको यह ठेका दिया गया है,ताकि इससे बीजेपी को चुनावी बौंड मिलता रहे। ना इनको पर्यावरण,पानी,जमीन और गरीब की चिंता है।इन्हें एकमात्र अपने इष्ट मित्र कॉरपोरेट की चिंता है।वे अपने कॉरपोरेटों को जल्दी आपकी जमीन को उनके हवाले करने को वेताब है।घोड़ा कटोरा बियर हमने देखा, उससे नवादा के खेतों में नहीं, बल्कि नीतीश जी के जिला नालंदा में पानी जा रहा हैं। नवादा का पानी नवादा के किसानों के लिए नहीं उसे नालंदा ले जाया जा रहा है। 8000 करोड़ रू इस पम्प नहर पर खर्च हो रहा है। पचाने नदी को साफ कर गाद निकाला जाए तो खर्च भी कम पड़ेगा और अलग से जलाशय बनाने के नाम पर गांव और खेतों को उजाड़ने की जरूरत ही नहीं होगी। दुर्भाग्य है की पंचाने नदी का पानी गंगा में जा रही है और हम सौ कि मी दूर हाथीदह से गंगा का पानी लाने हेतु जलाशय बना रहे है। इन्हें तो सिर्फ किसानों से जमीन छीनन कर बड़े धन्नासेठों को देना है। अगर यहां से आपको उजाड़ा गया तो आप अपना सारा सामान और मवेशी लेकर सीधे नवादा कलेक्ट्रिएट पहुँचे और वही पर रहना शुरू करे। कलेक्टर को कानून का पालन करना होगा। स्थानीय पूर्व विधायक मो कामरान ने कहा कि सबसे पहले हम स्थानीय होने के नाते आप सभी आए हुए मेहमानों का हार्दिक स्वागत करता हूं।उन्होंने कहा आप संघर्ष के रास्ते आगे बढ़े,जहां-जहां आपकी ट्रेन रुकेगी,वहां-वहां हम लोग चल कर आपके लिए लड़ने को हमेशा तैयार रहेंगे।रामायण में गिलहरी का जो रोल है,आपकी लड़ाई में मेरा भी गिलहरी का रोल रहेगा। किसान नेता दिनेश कुमार ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा की गंगा लिफ्ट वॉटर जलाशय योजना पहले भी पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है।भाजपा को चुनाव में इलेक्ट्रोल बौंड के जरिए हजारों करोड़ चंदा देने वाली मेगा इंजीनियरिंग कंपनी को सिर्फ फायदा पहुंचाने के लिए तथा सरकारी राशि की लूट करवाने का यह मैच हो रहा है।महा पंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता दिनेश कुमार ने कहा कि पहले से बने जलाशय योजना सफल नही हुआ।सिर्फ दो माह बाढ के समय लिफ्ट काम करता है।तो फिर दूसरा जलाशय के नाम पर घर मकान एवं खेतों को क्यों बर्बाद किया जा रहा है? हम किसानों को संगठित कर हथीदह में ही इसे बंद कर देंगे। आज सरकार विभिन्न बहाना बनाकर किसानों से उसकी जमीन छीनना चाहती है।बिहार के 11 जिलों में 12 सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर लगभग चार लाख एकड़ जमीन किसानों से छीनने की सरकारी साजिश के खिलाफ किसान एकजुट होकर संघर्ष के मैदान में उतरे हुए है। सम्राट सरकार का जो मंसूबा किसानों से जमीन छीनकर कॉर्पोरेट को देने की है।उनके सपनों को किसी कीमत पर पूरा होने नहीं देंगे। चाहे इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी होगी। संयुक्त किसान मोर्चा इसके लिए हर तरह से तैयार है।महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह ने कहा की हुकमराॅ हो गई सब कमीने लोग,खाक में मिल गए सब नगिने लोग। लिखा हो किस्मत में परदेस,वतन को याद क्या करना। जहां बेदर्द हाकिम हो,वहां फरियाद क्या करना। उन्होंने कहा खेती हमारी सिर्फ जीविका ही नहीं है, बल्कि यह हमारी तहजीब है,हमारी सभ्यता और संस्कृति है, हमारा रहन-सहन,खान-पान,रश्मों-रिवाज,पूजा-पाठ,पर्व-पर्व-त्यौहार सब कुछ कृषि आधारित है।अगर खेती हमसे छीन लिया गया तो हमारी सभ्यता और संस्कृति सब कुछ मिट जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के दौड़ में एक बेटी साइकिल पर अपने बाप को बिठाकर दिल्ली से दरभंगा आई थी। लाखों-लाख प्रवासी बिहारी देश के विभिन्न हिस्सों से पैदल अपने पत्नी और बच्चों के साथ मोटा-गठर लेकर पैदल क्यों चल पड़े थे? इसलिए कि गांव में उनकी कुछ जमीन थी। गांव में एक सहारा था,एक आसरा था,एक उम्मीद थी।आज उस आसरा और सहारा को हमसे छीना जा रहा है। इस साजिश को समझ कर अपने सहारे को आप किसी कीमत खोने को तैयार नहीं हो,चाहे इसके लिए जान जाए या रहे,अंतिम सांस तक लड़ने को तैयार हो।

किसान महापंचायत की अध्यक्षता सरपंच कपिल देव प्रसाद तथा मंच संचालन दीपक कुमार ने किया। किसान पंचायत को नागेंद्र यादव,बेनू यादव,सुधीर प्रसाद,दिलीप साह,बैजू गोपी,जगदीश मांझी,अमृत मांझी, रामबरन चौहान,नरेश पंडित, आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। पुलिस के समक्ष जेसीबी के सामने बहादुरी से लड़नेवाली वीरांगना रेणु देवी और बसंती देवी जो जेसीबी के सामने लेटकर प्रतिरोध किया। उन्हें ससम्मान मंच पर बुलाकर अंगवस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर सांसद सुधाकर सिंह ने सम्मानित किया।

Related Articles

Back to top button