जमीन अधिग्रहण और फसल नुकसान के विरोध में 26 अक्टूबर को डीएम से हिसाब मांगेंगे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा का ऐलान—नवादा में होगा प्रदर्शन, मोतनाजे-मधुबन के किसानों को मुआवजा देने की मांग
जमीन अधिग्रहण और फसल नुकसान के विरोध में 26 अक्टूबर को डीएम से हिसाब मांगेंगे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा का ऐलान—नवादा में होगा प्रदर्शन, मोतनाजे-मधुबन के किसानों को मुआवजा देने की मांग

जे टी न्यूज,
नवादा: जमीन अधिग्रहण और कथित पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 अक्टूबर को नवादा जिला समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी से जवाब मांगने का ऐलान किया है। सोमवार को सुबह 11 बजे प्रस्तावित इस कार्यक्रम में मोतनाजे-मधुबन के किसानों की जमीन और फसलों को हुए नुकसान के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग उठाई जाएगी।
नवादा के गोवर्धन स्वीट्स में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह, दिनेश कुमार, कपिल देव प्रसाद और पवन कुमार ने जिला प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण के मामले में किसानों की सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन और आजीविका की रक्षा के लिए संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन गया है।
भूमि अधिग्रहण कानून के पालन की मांग
किसान नेताओं ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 का हवाला देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण में सामाजिक प्रभाव आकलन, निर्धारित परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों की सहमति तथा उचित मुआवजे और पुनर्वासन के प्रावधानों का पालन जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोतनाजे-मधुबन में इन प्रक्रियाओं का समुचित पालन किए बिना किसानों की जमीन लेने का प्रयास किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अधिग्रहण की प्रक्रिया में कानून के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
धान की फसल बर्बाद होने से किसानों में आक्रोश
प्रेस वार्ता में किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों की मेहनत से तैयार हो रही धान की फसल को कुचलकर नष्ट कर दिया गया। उनका कहना था कि किसान अपनी जमीन पर फसल उगाने के लिए महीनों मेहनत करते हैं और बड़ी लागत लगाते हैं। ऐसे में फसल का नुकसान उनकी आजीविका और परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालता है।

नेताओं के अनुसार, इस मामले को लेकर क्षेत्र में कई बार किसान महापंचायतें आयोजित की गईं। इनमें जिला प्रशासन से नुकसान हुई फसलों का पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की गई, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
26 अक्टूबर को समाहरणालय पहुंचेंगे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि 26 अक्टूबर को किसान नवादा जिला समाहरणालय पहुंचकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखेंगे। संगठन का कहना है कि किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए तथा जमीन अधिग्रहण से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन, आजीविका और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
