अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ की घटना में,भगदड़ में 8 महिलाएं और 1 पुरुष सहित कुल 9 लोगों की मौत

अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ की घटना में,भगदड़ में 8 महिलाएं और 1 पुरुष सहित कुल 9 लोगों की मौत

 

जे टी न्यूज, लखीसराय: भाजपा धर्म के नाम पर सत्ता हथियाती है, लेकिन धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की जान की सुरक्षा की गारंटी नहीं करती। यह सरकार का आपराधिक कृत्य है–भाकपा माले

मृतकों को 20 लाख मुआवजा, घायलों का समुचित इलाज और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर भाकपा- माले 22 अगस्त को जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन करेगी।

भाकपा- माले जोनल कमिटी के सदस्य शिवनंदन पंडित व शिक्षक नेता सत्यार्थी ने अशोक धाम परिसर में हुई भगदड़ के घटनास्थल का दौरा किया एवं जांच किया।

17अगस्त2026की सुबह छः बजे लखीसराय अन्तर्गत इद्रंदमनेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के क्रम में हुई घटना दिल दहला देने वाली है । जांच टीम के सदस्यों ने पाया कि प्रशासनिक व्यवस्था को ताक पर रखकर प्रशासनिक अधिकारी वाहवाही बटोरने में कोई कसर न छोड़ी है। घटनास्थल पर यह बात सामने आई, अशोकधाम रेलवे स्टेशन के निकट से कांवरियों को जाने के लिए दो लाइन में बेरिकेटिंग लगाया गया था। वहीं दूसरी तरफ धान का खेत जो काफी गड्ढा है,उस तरफ भी रोक थाम हेतु बांस से बेरिकेटिंग लगाया गया है। जिससे रास्ता संकीर्ण हो गया।इसी बैरिकेटिंग के बगल में धान के खेत में बिजली का खम्भा गाड़ा हुआ था। कांवरियों का भीड़ से बेरिकेटिंग टूटकर बिजली के खम्भे पर जा गिरा और खम्भा जो लगभग दो फिट ही गड़ा रहने के कारण उखड़ गया। तभी अफरा- तफरी में भगदड़ मच गया,लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए जिससे नौ लोगों की मौत हो गई। प्रशासन पहले से तैयार रहता तो ऐसा घटना नहीं हुई होती।

बड़हिया का एक पुरूष बाकी सभी 8 महिलाएं पिपरिया अंचल अन्तर्गत चंदनिया गांव की बताया गया है तथा इसी गांव की एक महिला घायल हैं। दर्जनों लोग घायल हुए हैं जिसकी जानकारी अप्राप्त रहा।

भाकपा -माले ने इस प्रसासनिक लापरवाही की घोर निंदा की है एवं परिवार के लिए बीस – बीस लाख रूपए मुवावजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की तथा घायल श्रधालुओं को दो-दो लाख रूपए इलाज हेतु आर्थिक सहायता दी जाय। माले ने आपराधिक लापरवाही के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जांच टीम का मानना है कि केन्द्र व राज्य सरकार धर्म के नाम पर सत्ता तो हथिया लेती है, लेकिन भीड़ को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं की जान की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं करती जिससे आए दिन घटनाएं घटित होती रहती हैं। आदमी के जीवन की इनकी नजर में कोई कीमत नहीं। भाकपा- माले 22 अगस्त को जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन करेगी।

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