छठ पर्व पर लालू प्रसाद यादव के आवास पर सूप-दौरा लेकर पहुंचे पप्पू डोम
बोले— शोषितों, वंचितों और दलितों की बुलंद आवाज हैं लालू यादव
छठ पर्व पर लालू प्रसाद यादव के आवास पर सूप-दौरा लेकर पहुंचे पप्पू डोम
बोले— शोषितों, वंचितों और दलितों की बुलंद आवाज हैं लालू यादव
लालू प्रसाद के सामाजिक न्याय और समाजवादी विचारों की आज भी बिहार को जरूरत : पप्पू डोम
जे टी न्यूज, खगड़िया: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता पप्पू डोम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर वे गरीबों, शोषितों, वंचितों, दलितों एवं अल्पसंख्यकों की आवाज और सामाजिक न्याय के प्रखर योद्धा आदरणीय लालू प्रसाद यादव जी के नवनिर्मित आवास पर छठ पूजन से संबंधित सूप एवं दौरा लेकर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता, सम्मान और वंचित समाज की राजनीतिक चेतना के सशक्त प्रतीक हैं। आज शोषित, पीड़ित, वंचित, दलित और अल्पसंख्यक समाज जिस सामाजिक एवं राजनीतिक जागरूकता के साथ अपने अधिकारों की बात कर रहा है, उसमें लालू प्रसाद यादव के संघर्ष और नेतृत्व की ऐतिहासिक भूमिका रही है।
पप्पू डोम ने कहा कि यदि लालू प्रसाद यादव ने सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे नहीं बढ़ाया होता, तो समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आज भी सामंती एवं मनुवादी सोच के सामने अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ता। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने वंचित समाज को केवल राजनीतिक पहचान ही नहीं दी, बल्कि उसे आत्मसम्मान के साथ जीने और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का साहस भी प्रदान किया।
बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में अपराध और अराजकता की घटनाओं को लेकर आम लोगों में चिंता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, आम नागरिकों की जान-माल की हिफाजत और कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। यदि आम आदमी स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह शासन-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार को एक बार फिर तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय, युवा शक्ति, रोजगार, समानता और जनहित की राजनीति को मजबूत करने की आवश्यकता है। जनता के बीच उठ रही आवाज इस बात का संकेत है कि लोग वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था से जवाबदेही चाहते हैं।
अंत में पप्पू डोम ने कहा कि बिहार की जनता अब अपने अधिकार, सम्मान और बेहतर भविष्य के सवाल पर सजग हो चुकी है। भाजपा की राजनीति और उसके शासन से जुड़े सवालों का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी। सामाजिक न्याय की विचारधारा को मजबूत करना ही समय की मांग है।




