विद्युत विभाग की लापरवाही खतरे में घनी आबादी जेटी टाइम्स समस्तीपुर: शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित वार्ड संख्या एक में विद्युत विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। विभागीय लापरवाही की वजह से घनी बस्ती के आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है। मामला गंभीर हो या फिर सामान्य, सरकारी मशीनरी की सुस्ती तब तक नही टुटती जब तक कोई हादसा न हो या फिर जनता सड़कों पर न उतरे,जर्जर बिजली तार की वजह से जिले में अब तक अनेक घटनाएँ हो चुकी है। बावजूद विद्युत कंपनी के अधिकार इससे कोई सबक लेना नही चाह रहे है, तभी तो स्थानीय लोगों के बार-बार आवेदन करने के बाद भी शहर के धरमपुर क्षेत्र में 33 केवीए के जर्जर तार को बदलने/हटाने में आनाकानी की जा रही है। रामेश्वर जुट मिल से जुड़े 33 केविए का तार धरमपुर पंजाबी कॉलोनी होते हुए मोहनपुर स्थित गि्ड से जुड़ा हुआ है।धरमपुर स्थित बुढी गंडक बांध से सटे रिहायशी इलाके के करीब 50 परिवार हमेशा 33 केविए जर्जर तार से खौफ में जी रहे है। इस इलाके में यह क्षतिग्रस्त तार में बारिश के दिनों में रिटर्न विद्युत प्रवाह के कारण बड़े हादसे को आमंत्रित कर सकता है। इसे बदलने/हटवाने के लिए भी बार- बार स्थानीय लोगों द्वारा जनप्रतिनिधि से लेकर कार्यपालिका तक का चक्कर लगा रहे है। लेकिन जर्जर तार को बदलने/हटाने के नाम पर केवल तारीख़ पे तारीख़ बिजली कंपनी के द्वारा दिया जा रहा है। स्थानीय निवासी कपिलेश्वर राम के पुत्र राहुल कुमार का कहना है कि विगत 8 जुलाई 2020 को लिखित आवेदन के माध्यम से कार्यपालक विद्युत अभियंता समस्तीपुर को इस समस्या से अवगत कराया , तब से अब तक वार्ड पार्षद, विधायक , सूचना का अधिकार अधिनियम जैसे उन तमाम हथकंडो का उपयोग कर लिया, जिसका काम आम जनता की समस्यों के निवारण से संबंधित है। परंतु अब तक विद्युत विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों की कुम्भकणीॅ नींद नही टुटी है। बावजूद इसके युवक ने भी हार नही मानी है। अब उसने प्रधानमंत्री को पुरे मामले से अवगत कराया है।इसमें बताया है कि विभाग की लापरवाही के कारण कभी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। क्या है पुरा मामला ? – स्थानीय लोगों एवं शिकायत करता का कहना है कि 33 केविए का पोल रेलवे कि निजी जमीन पर था जिसे रेलवे ने समस्तीपुर दरभंगा रेलखंड पर रेलवे लाईन दोहरीकरण एवं मिट्टीकरण कार्य के दौरान हटा दिया जिसके कारण तार लटक कर स्थानीय लोगों के छत पर आ गिरा है। धरमपुर मोहल्ले में स्थित मकानों के उपर से गुजरे हाइटेशन तारों व गलियों में तारो के जंजाल को देखा जा सकता है। कई मकानो की छत के महज तीन से चार फुट की ऊँचाई पर हाइटेशन तार गुजरा है, इस्सें कभी भी बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है।हालंकि इन तारो से दुर्घटना न हो , इसके लिए बिजली कंपनी ने गार्ड वायर लगा रखा है । लेकिन लोगों के अंदर इन तारों से दुर्घटना होने का डर हर समय बना हुआ है।क्योकिं गार्ड वायर लगाने में लापरवाही बरती गयी है, स्थानीय लोगों का की माने तो 33 केविए हाइटेशन तार के ठीक नीचे लगाने कि जगह संवेदक इधर- उधर लगवा दिया है। लोगों का कहना है कि हाइटेशन तार टुट कर किसी वजह से गिरता है तो दुर्घटना तय है। July 26, 2020
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