भारतीय अर्थव्यवस्था के दिग्गज अर्थशास्त्रियों की उपस्थिति में डॉ. विजय कुमार गुप्ता की पुस्तक का विमोचन
भारतीय अर्थव्यवस्था के दिग्गज अर्थशास्त्रियों की उपस्थिति में डॉ. विजय कुमार गुप्ता की पुस्तक का

मुजफ्फरपुर।इंडियन इकनॉमिक एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय, मुजफ्फरपुर के उद्घाटन एवं 109वें वार्षिक सम्मेलन के पूर्व आयोजित सम्मेलन के अवसर पर अर्थशास्त्र के प्रतिष्ठित विद्वानों और राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्रियों की गरिमामय उपस्थिति में डॉ. विजय कुमार गुप्ता की पुस्तक “बिहार में ग्रामीण विकास: स्वतंत्रता से डिजिटल युग तक की यात्रा” का विमोचन किया गया।
यह महत्वपूर्ण आयोजन 4 नवंबर 2026 बुधवार को इंडियन इकनॉमिक एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय, मुजफ्फरपुर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (इएसी – पीएम) के चेयरमैन एवं इंडियन इकनॉमिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग के प्रोफेसर प्रो. प्रवीण झा ने की। इस अवसर पर डॉ. तम्मा कोटि रेड्डी तथा प्रो. अश्विनी महाजन सहित अर्थशास्त्र एवं आर्थिक चिंतन के क्षेत्र से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर विमोचित पुस्तक “बिहार में ग्रामीण विकास: स्वतंत्रता से डिजिटल युग तक की यात्रा” बिहार के ग्रामीण समाज और अर्थव्यवस्था में स्वतंत्रता के बाद से आए परिवर्तनों का व्यापक एवं शोधपरक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। पुस्तक में कृषि विकास, भूमि सुधार, ग्रामीण रोजगार, पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण आजीविका तथा डिजिटल शासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के माध्यम से ग्रामीण बिहार की विकास यात्रा को समझने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक बिहार के ग्रामीण विकास की उपलब्धियों, चुनौतियों और भावी संभावनाओं को ऐतिहासिक एवं समकालीन परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करती है।

पुस्तक के लेखक डॉ. विजय कुमार गुप्ता वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर (ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा) के अर्थशास्त्र विभाग में वरीय सहायक प्राध्यापक हैं। उनका अकादमिक एवं शोध कार्य ग्रामीण विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास जैसे विषयों पर केंद्रित रहा है। देश के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों एवं विद्वानों की उपस्थिति में पुस्तक का विमोचन लेखक के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।


