जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सीपीएम का विरोध प्रदर्शन एवं सभा
जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सीपीएम का विरोध प्रदर्शन एवं सभा
जे टी न्युज, सहरसा, नवहट्टा :भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सीपीएम एवं किसान सभा महिषी के द्वारा बाढ़ राहत पुनर्वास और फसल क्षतिपूर्ति सहित अन्य मांगों को लेकर
महिषी प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव किया गया। अपनी मांगों से संबंधित गगन चुंवी नारा प्रर्दशनकारियों द्वारा लगाया गया।
बाद में कामरेड नौशाद साहब की अध्यक्षता में सभा की अध्यक्षता की गई वहीं संचालन किसान सभा नेता कामरेड संजय कुमार सिंह ने किया सभा को संबोधित करते सीपीएम राज्य सचिव मंडल सदस्य सह सहरसा पार्टी जिला सचिव कामरेड रणधीर यादव ने कहा कोसी तटबंध के भीतर बाढ़ के पानी से और बाहर सीपेज के जलजमाव से संबंधित क्षेत्र का जनमानस हर बर्ष तंग तबाह और त्राहिमाम रहता है। आजादी के 80 बर्ष बाद भी आजतक भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा बाढ़ सुखाड़ और बिजली का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया अगर बराह क्षेत्र में हाईडैम निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया होता तो शायद यह दूरदिन कोसी पीड़ित जनता को नहीं भोगना पड़ता।

कोसी नदी को दोनों ओर से बांध कर बीच की बड़ी आबादी को उनके रहमों कर्म पर छोड़कर सरकार आमजन के जीवन से खेल रही है। तटबंध निर्माण के समय 11 लाख क्यूसेक पानी भी नदी में छोड़ा जाता था तो नदी बहुत कुछ क्षति नहीं पहुंचाती थी परन्तु सील टेंशन के आज 4 लाख क्यूसेक पानी भी छोड़ा जाता है तो पानी हर घर घर घुस जाती है। हर बर्ष कटनिया के चलते हजारों घर द्वार नदी में विलीन हो जाता है। लोग अपनी आसियाना को इघर से उधर करने में अपनी जिन्दगी बिता रहे है। बाढ़ का पानी घरों में घुसकर खाने पीने की हर सामग्रियों को बहाकर ले जाती है। लहलहाती हरी भरी फसल बर्बाद हो जाती है। वेजुवान माल मवेशी भी संकट में रहता है। इंसान के साथ सांप बिच्छू कीड़े मकोड़े की दोस्ती एक जगह रहने की हो जाती है। मूल भूत सुविधा शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी और यातायात के लिए आज के वैज्ञानिक युग में भी लोग लल्लाइत है। दुखों का पहाड़ अपनी सिरों पर ढ़ोते ढ़ोते आमजन जिन्दगी के हर ख्वाब और अरमान को कोसी मां को समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा सरकार ने एक झुनझुना कोसी प्राधिकार कानून के रूप में यहां के लोगों को दिया था उसका भी कोई अता-पता नहीं है। सरकार और प्रशासन कोसी को चरागाह समझती है। ऐसी विषम परिस्थिति में कोसी पीड़ित परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी क्या ऐसी ही नारकीय जीवन व्यतीत करेंगे ये सब अब कोसी पीड़ित जनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। और संघर्ष को तेज करेंगे।
घेराव कार्यक्रम को पार्टी जिला सचिव मंडल सदस्य सह प्रभारी मिथिलेश कुमार सिंह, पार्टी अंचल सचिव कामरेड मदन पासवान, कुलानन्द कुमार, डॉ रामरेख यादव,मनोज शर्मा,
घेराव के बाद 11 सुत्री मांगों का स्मार पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी महोदया महिषी को समर्पित करते आवश्यक कार्यवाही की अविलंब मांग किया गया।

कार्यक्रम की प्रमुख मांगे –
1. कोसी तटबंध के भीतर सभी गांवों एवं पंचायतों को तथा बाहर सीपेज प्रभावित इलाकों को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर समुचित राहत अविलंब दिया जाय।
2. कोसी नदी के कटनियां से जितने घर द्वार कटकर कोसी में समाहित हुए सभी को पुनर्वास दिया जाय।
3. किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का लाभ तुरंत दो तथा रवि फसल के लिए खाद बीज कीटनाशक दवाएं मुक्त में समय से उपलब्ध कराई जाए।
4. आवश्यकतानुसार नाव एवं नाविक का प्रबंध सरकारी स्तर पर किया जाय।
5. प्रखंड से पंचायत स्तर तक अनुश्रवण समिति की बैठक में हर परिवार का सर्वे कर सभी को रिलीफ फंड नियमानुकुल लाभ दिया जाए।
6. बाढ़ राहत के नाम पर लूट और गमन पर रोक लगाई जाए।
7. तटबंध के बाहर सीपेज से प्रभावित जलजमाव का स्थायी समाधान किया जाय।
8. कोसी प्राधिकार कानून को सख्ती से लागू किया जाय।
9. बाढ़ सुखाड़ और बिजली का स्थायी निदान हेतु बराह क्षेत्र में हाईडैम निर्माण कराई जाए।
10. कोसी प्रभावित हर पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र और डिग्री कालेज की स्थापना किया जाय।
11. कोसी तटबंध के किनारे बसे कोसी पीड़ित परिवार को बैगर समुचित व्यवस्था किये घर उजारने की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।
उपस्थित साथी दिलीप ठाकुर,जयजयराम पासवान, दिनेश साह, त्रिभुवन पासवान,श्रवण पासवान, पंकज पासवान, राजकुमार पासवान, मनोज कुमार सिंह, प्रमोद पासवान, नागेश्वर पासवान,लालो देवी,पेरवी सादा, रंजीत सादा सहित अन्य मौजूद थे।


