देश में आपातकाल जैसे हालात, वोट चोरी के खिलाफ युवाओं की लड़ाई निर्णायक होगी’: पप्पू यादव
पटना आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर हमला, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की हिरासत को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार
‘देश में आपातकाल जैसे हालात, वोट चोरी के खिलाफ युवाओं की लड़ाई निर्णायक होगी’: पप्पू यादव
पटना आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर हमला, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की हिरासत को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार
जे टी न्यूज
पटना, 11 अक्टूबर। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रविवार को पटना स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने और विरोध की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल जैसी स्थिति से करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार को सवाल उठाने वालों की बात सुननी चाहिए।
पप्पू यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर उठने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है।
सांसद ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं, विपक्षी नेताओं और मीडिया कर्मियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा। महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है। उनके अनुसार, सरकार को युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों को सुनने का अवसर देना चाहिए।
पप्पू यादव ने बेरोजगारी, पेपर लीक, रोजगार के सीमित अवसर और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष को संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए दावा किया कि युवाओं में रोजगार और परीक्षा व्यवस्था को लेकर असंतोष है
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद ने महंगाई, देश पर बढ़ते कर्ज और विदेश नीति को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने चीन के साथ सीमा विवाद और अमेरिका के साथ भारत के संबंधों पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक और रोजगार संबंधी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए धर्म और जाति से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है
अपने संबोधन के अंत में पप्पू यादव ने कहा कि युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों की आवाज दबाकर लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता। उन्होंने विपक्ष से एकजुट होकर जनता से जुड़े मुद्दे उठाने और सरकार से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।


